मालदा से पीएम मोदी का बड़ा रेल-रोड पैकेज: 3,250 करोड़ की परियोजनाएं, देश को मिली पहली वंदे भारत स्लीपर ट्रेन

मालदा (पश्चिम बंगाल)।प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शुक्रवार को पश्चिम बंगाल के मालदा में 3,250 करोड़ रुपये से अधिक की कई रेल और सड़क इंफ्रास्ट्रक्चर परियोजनाओं का उद्घाटन और शिलान्यास किया। इन परियोजनाओं का उद्देश्य पश्चिम बंगाल और उत्तर-पूर्व भारत की कनेक्टिविटी को नई गति देना है।

कार्यक्रम को संबोधित करते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि “आज बंगाल की धरती से भारतीय रेलवे के आधुनिकीकरण की दिशा में एक ऐतिहासिक कदम उठाया गया है।”

देश की पहली वंदे भारत स्लीपर ट्रेन शुरू

पीएम मोदी ने हावड़ा–गुवाहाटी (कामाख्या) रूट पर भारत की पहली वंदे भारत स्लीपर ट्रेन को हरी झंडी दिखाई। उन्होंने कहा—

“यह ट्रेन मां काली की भूमि को मां कामाख्या की भूमि से जोड़ती है। आने वाले समय में यह आधुनिक स्लीपर ट्रेन पूरे देश में फैलेगी।”

यह पूरी तरह वातानुकूलित ट्रेन लंबी दूरी की यात्रा को तेज, सुरक्षित और अधिक आरामदायक बनाएगी। इस रूट पर यात्रा समय लगभग 2.5 घंटे कम होगा, जिससे तीर्थयात्रा और पर्यटन को भी बढ़ावा मिलेगा।

बंगाल को मिलीं 4 नई अमृत भारत एक्सप्रेस

प्रधानमंत्री ने बंगाल के लिए चार नई आधुनिक अमृत भारत एक्सप्रेस ट्रेनों की घोषणा की—

  • न्यू जलपाईगुड़ी – नागरकोइल
  • न्यू जलपाईगुड़ी – तिरुचिरापल्ली
  • अलीपुरद्वार – बेंगलुरु
  • अलीपुरद्वार – मुंबई (पनवेल)

पीएम ने कहा कि इन ट्रेनों से उत्तर बंगाल की दक्षिण और पश्चिम भारत से कनेक्टिविटी और मजबूत होगी तथा आम यात्रियों, प्रवासी श्रमिकों और व्यापारियों को बड़ी सुविधा मिलेगी।

रेलवे और सड़क ढांचे को मिलेगी नई मजबूती

प्रधानमंत्री ने कई अहम परियोजनाओं की आधारशिला रखी, जिनमें—

  • बालुरघाट–हिली नई रेल लाइन
  • न्यू जलपाईगुड़ी में माल ढुलाई रखरखाव सुविधा
  • सिलीगुड़ी लोको शेड का उन्नयन
  • वंदे भारत मेंटेनेंस डिपो का आधुनिकीकरण

इसके अलावा राष्ट्रीय राजमार्ग-31D (धूपगुड़ी–फलाकाटा) के चार-लेन निर्माण की भी शुरुआत की गई।

“रेलवे आधुनिक भी है, आत्मनिर्भर भी”

पीएम मोदी ने कहा कि भारतीय रेलवे आज न सिर्फ आधुनिक हो रही है, बल्कि आत्मनिर्भर भी बन रही है
भारत अब लोकोमोटिव, कोच और मेट्रो कोच का बड़ा निर्यातक बन चुका है, जिससे देश की अर्थव्यस्था और रोजगार दोनों को मजबूती मिल रही है।

उन्होंने कहा—
“भारत को जोड़ना हमारी प्राथमिकता है और दूरियों को कम करना हमारा मिशन।”

कार्यक्रम में पश्चिम बंगाल के राज्यपाल सी.वी. आनंद बोस, रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव समेत कई केंद्रीय और राज्य मंत्री मौजूद रहे।


 

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