पटना। बिहार के इंजीनियरिंग छात्रों और शोधार्थियों के लिए बड़ी खुशखबरी है। (BEU), पटना और केंद्र, गांधीनगर के बीच एक महत्वपूर्ण समझौता ज्ञापन (MoU) पर हस्ताक्षर किए गए हैं। इस समझौते के बाद राज्य के सभी सरकारी इंजीनियरिंग कॉलेजों के छात्रों, शोधार्थियों और शिक्षकों को राष्ट्रीय स्तर के डिजिटल शैक्षणिक और शोध संसाधनों तक निःशुल्क संस्थागत पहुंच मिलेगी।
समझौता ज्ञापन पर बिहार अभियंत्रण विश्वविद्यालय की ओर से कुलसचिव डॉ. प्रदीप कुमार और INFLIBNET की ओर से निदेशक प्रो. देविका पी. मदल्ली ने हस्ताक्षर किए। इस अवसर पर विज्ञान, प्रावैधिकी एवं तकनीकी शिक्षा मंत्री सुनील कुमार, विभागीय सचिव डॉ. प्रतिमा, निदेशक अहमद महमूद और विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. सुरेश कांत वर्मा समेत कई वरीय अधिकारी मौजूद रहे।
छात्रों और शोधार्थियों को मिलेंगी ये सुविधाएं
MoU के तहत बिहार अभियंत्रण विश्वविद्यालय और इसके अधीन सभी सरकारी इंजीनियरिंग कॉलेजों को शोधगंगा, शोधशुद्धि (प्लेज़रिज़्म डिटेक्शन सिस्टम), वन नेशन वन सब्सक्रिप्शन (ONOS), IRINS, SOUL लाइब्रेरी ऑटोमेशन सिस्टम, IndCat, ShodhChakra, INFED, ILMS, ShodhPrabha और INFYMEET जैसी अत्याधुनिक सेवाओं की सुविधा मिलेगी।
इन प्लेटफॉर्म्स के जरिए ई-जर्नल, ई-बुक्स, शोध प्रबंध, पेटेंट, सम्मेलन विवरण और अन्य प्रमाणिक डिजिटल संसाधन एक ही मंच पर उपलब्ध होंगे।
मंत्री बोले—तकनीकी शिक्षा को नवाचार से जोड़ने की दिशा में बड़ा कदम
मंत्री सुनील कुमार ने कहा कि बिहार सरकार तकनीकी शिक्षा को ज्ञान, शोध और नवाचार से जोड़ने के लिए लगातार प्रयास कर रही है। INFLIBNET जैसे डिजिटल प्लेटफॉर्म से राज्य के सरकारी इंजीनियरिंग कॉलेजों के छात्र भी अब देश के अग्रणी संस्थानों के समान अध्ययन और शोध कर सकेंगे। यह पहल तकनीकी शिक्षा को अधिक सुलभ, पारदर्शी और गुणवत्तापूर्ण बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण है।
शोध और प्रोजेक्ट वर्क की गुणवत्ता होगी बेहतर
विभागीय सचिव डॉ. प्रतिमा ने बताया कि इस व्यवस्था से छात्रों को अध्ययन और शोध के लिए भरोसेमंद और अद्यतन सामग्री एक ही माध्यम से मिलेगी। इससे प्रोजेक्ट, सेमिनार, थीसिस और शोध कार्यों की गुणवत्ता में सुधार होगा और शोधशुद्धि जैसी सेवाओं से अकादमिक लेखन में अनुशासन सुनिश्चित किया जा सकेगा।
BEU कुलपति बोले—राष्ट्रीय डिजिटल नेटवर्क से मजबूत जुड़ाव
कुलपति प्रो. सुरेश कांत वर्मा ने इसे विश्वविद्यालय के लिए बड़ी उपलब्धि बताते हुए कहा कि इस साझेदारी से BEU और इसके अधीन कॉलेजों की शिक्षण व शोध व्यवस्था राष्ट्रीय डिजिटल अकादमिक नेटवर्क से सशक्त रूप से जुड़ जाएगी।
समझौते के बाद संबंधित कॉलेजों में नोडल अधिकारियों की नियुक्ति, तकनीकी व्यवस्था और प्रशिक्षण कार्यक्रमों के जरिए इन सेवाओं को नियमित शैक्षणिक और शोध गतिविधियों से जोड़ा जाएगा। इससे बिहार के इंजीनियरिंग कॉलेजों में डिजिटल लाइब्रेरी और शोध संस्कृति को नई मजबूती मिलेगी।


