बिहार के गया जिले से एक अजीबोगरीब और चिंताजनक मामला सामने आया है। शेरघाटी प्रखंड के कचौड़ी गांव में एक घर में बीते सात दिनों से लगातार आग लगने की घटनाएं हो रही हैं। पीड़ित परिवार का दावा है कि घर के अलग-अलग कमरों और दुकान में अचानक आग लग जा रही है, जिससे पूरा परिवार दहशत में है। फिलहाल आग लगने के वास्तविक कारणों का पता नहीं चल सका है, लेकिन गांव में इसे लेकर तरह-तरह की चर्चाएं हो रही हैं।

सात दिनों से जारी है आग की घटनाएं
पीड़ित परिवार के अनुसार, कभी कपड़ों में, कभी बिस्तर, खटिया, कंबल और अनाज में अचानक आग लग जाती है। आग कैसे लगती है, इसका कोई स्पष्ट कारण सामने नहीं आ रहा है। लगातार हो रही घटनाओं से परिवार भयभीत हो गया है और अब घर छोड़कर सड़क किनारे रहने को मजबूर है।
यह मामला गया जिले के शेरघाटी प्रखंड स्थित कचौड़ी गांव का है, जहां यह घटना पूरे इलाके में चर्चा का विषय बनी हुई है।
15 दिन पहले आए साधु से जोड़ा जा रहा मामला
घर के मालिक लखन मिस्त्री का कहना है कि करीब 15 दिन पहले उनके घर एक साधु आए थे। उन्होंने खाने में रोटी मांगी थी। उस समय घर में रोटी नहीं बनी थी, जिसके कारण उन्हें चावल परोसा गया।
“साधु महाराज ने कहा कि उन्हें रोटी चाहिए। बहू ने कहा कि अभी रोटी नहीं है। इस पर वह नाराज हो गए और कहने लगे कि अब तुम्हारे घर में आग लगेगी। इसके बाद से लगातार आग लग रही है।”
— लखन मिस्त्री, गृहस्वामी
परिवार इसी घटना को आग लगने से जोड़कर देख रहा है, हालांकि इसकी कोई पुष्टि नहीं हो सकी है।
बिजली कनेक्शन भी नहीं, फिर भी आग
लखन मिस्त्री का कहना है कि उनके घर में न तो बिजली का कनेक्शन है और न ही किसी तरह का ज्वलनशील उपकरण, इसके बावजूद आग की घटनाएं हो रही हैं। इसी डर के कारण परिवार ने घर का सारा सामान बाहर निकाल लिया है और अब खुले आसमान के नीचे रहने को मजबूर है।
गांव में तरह-तरह की चर्चाएं
इस घटना को लेकर गांव में अलग-अलग तरह की बातें की जा रही हैं। कुछ लोग इसे चमत्कार, तंत्र-मंत्र या ओझा-गुणी से जोड़कर देख रहे हैं, जबकि कुछ लोग इसे किसी साजिश या तकनीकी कारण की आशंका भी जता रहे हैं। फिलहाल किसी निष्कर्ष पर नहीं पहुंचा जा सका है।
भाजपा नेता ने की प्रशासन से जांच की मांग
घटना की जानकारी मिलने पर कचौड़ी पंचायत के पूर्व मुखिया और भाजपा नेता संतोष कुमार गुप्ता पीड़ित परिवार से मिलने पहुंचे। उन्होंने मामले को गंभीर बताते हुए प्रशासन से जांच की मांग की।
“इस तरह की घटना देखकर हम लोग भी हैरान हैं। प्रशासन को जांच करनी चाहिए कि आखिर आग कैसे लग रही है। फिलहाल परिवार ठंड में सड़क किनारे रह रहा है, उनकी तत्काल मदद की जानी चाहिए।”
— संतोष कुमार गुप्ता, पूर्व मुखिया एवं भाजपा नेता
प्रशासनिक जांच की जरूरत
लगातार हो रही आग की घटनाएं न सिर्फ परिवार की सुरक्षा के लिए खतरा हैं, बल्कि इलाके में भय का माहौल भी बना रही हैं। स्थानीय लोगों की मांग है कि प्रशासन और अग्निशमन विभाग मौके पर पहुंचकर वैज्ञानिक तरीके से जांच करे, ताकि सच्चाई सामने आ सके और परिवार को राहत मिल सके।
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