भागलपुर: भागलपुर जिले के बरारी पंचायत के वार्ड संख्या 12 में सरकार की महत्वाकांक्षी नल-जल योजना पूरी तरह से विफल होती नजर आ रही है। वार्ड के करीब 100 परिवार पिछले कई महीनों से पेयजल संकट से जूझ रहे हैं। स्थानीय ग्रामीणों का आरोप है कि योजना के नाम पर उनके घरों के सामने केवल नल की फिटिंग लगा दी गई, लेकिन आज तक उन नलों से एक बूंद पानी नहीं आया।
ग्रामीणों ने बताया कि लगभग एक वर्ष पूर्व नल-जल योजना के तहत नल लगाए गए थे, जिससे लोगों को उम्मीद थी कि अब शुद्ध पेयजल उनके घरों तक पहुंचेगा। लेकिन समय बीतने के बावजूद योजना कागजों तक ही सीमित रह गई है। वर्तमान स्थिति यह है कि अधिकांश नल सूखे पड़े हैं, पाइपलाइन जगह-जगह से क्षतिग्रस्त हो चुकी है और पानी की आपूर्ति पूरी तरह बंद है।
स्थानीय लोगों का कहना है कि इस समस्या को लेकर उन्होंने कई बार संबंधित विभागीय अधिकारियों और जनप्रतिनिधियों से शिकायत की, लेकिन अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई। ग्रामीणों में इसको लेकर गहरा रोष व्याप्त है। लोगों का आरोप है कि यह योजना जनता के साथ छल है और प्रशासनिक लापरवाही का जीता-जागता उदाहरण है।
पेयजल संकट के कारण ग्रामीणों को दूर-दराज के हैंडपंपों या निजी जलस्रोतों से पानी लाना पड़ रहा है, जिससे खासकर महिलाओं, बुजुर्गों और बच्चों को भारी कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है। कई परिवारों को दैनिक जरूरतों के लिए घंटों पानी की तलाश में भटकना पड़ रहा है।
वार्ड के लोगों ने प्रशासन को चेतावनी देते हुए कहा है कि यदि शीघ्र ही नल-जल योजना को दुरुस्त कर नियमित पानी की आपूर्ति शुरू नहीं की गई, तो वे आंदोलन करने के लिए बाध्य होंगे। ग्रामीणों ने जिला प्रशासन से मांग की है कि मामले का तत्काल संज्ञान लेते हुए दोषियों की पहचान कर उन पर कार्रवाई की जाए तथा नल-जल योजना को धरातल पर प्रभावी रूप से लागू किया जाए।
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स्थानीय निवासी निर्मल कुमार ने कहा, “हमारे घरों के सामने नल लगे हुए हैं, लेकिन आज तक एक बूंद पानी नहीं आया। कई बार शिकायत की गई, फिर भी कोई सुनवाई नहीं हो रही है।”


