पटना। लोजपा (रामविलास) के नेता और बिहार सरकार में लोक स्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग के मंत्री संजय सिंह ने बड़ा राजनीतिक दावा करते हुए कहा है कि कांग्रेस के सभी विधायक एनडीए के संपर्क में हैं और जैसे ही कुछ बिंदुओं पर बातचीत स्पष्ट होगी, वे एनडीए में शामिल हो जाएंगे। उन्होंने यह भी कहा कि सिर्फ कांग्रेस ही नहीं, बल्कि महागठबंधन के सबसे बड़े दल राजद में भी अंदरखाने सब कुछ ठीक नहीं चल रहा है।
“खरमास खत्म, अब कांग्रेस विधायक होंगे NDA में शामिल”
मकर संक्रांति के मौके पर कांग्रेस द्वारा आयोजित दही-चूड़ा भोज में एक भी विधायक के शामिल नहीं होने के सवाल पर संजय सिंह ने कहा—
“मैं पहले से कहता आ रहा हूं कि कांग्रेस में कुछ भी ठीक नहीं है। खरमास के बाद खेला होगा और अब वह समय आ चुका है।”
“महागठबंधन कभी एकजुट दिखा ही नहीं”
मंत्री संजय सिंह ने दावा किया कि जहां एनडीए पूरी तरह एकजुट है, वहीं महागठबंधन में लगातार मतभेद देखने को मिल रहे हैं।
उन्होंने कहा—
“महागठबंधन में चुनाव से पहले, चुनाव के दौरान और चुनाव के बाद भी एकजुटता नजर नहीं आई। चुनाव के समय कोई हेलीकॉप्टर से चला जाता था और किसी को एयरपोर्ट पर ही छोड़ दिया जाता था।”
उन्होंने आगे कहा कि चुनाव के बाद भी हालात नहीं बदले।
“नए साल में महागठबंधन के साथी एक-दूसरे के यहां बधाई देने तक नहीं गए। मकर संक्रांति पर भी न कोई भोज हुआ और न ही एक-दूसरे को आमंत्रण दिया गया।”
NDA के दही-चूड़ा भोज में दिखी एकजुटता
दरअसल, मकर संक्रांति के अवसर पर मंत्री संजय सिंह ने अपने आवास पर दही-चूड़ा भोज का आयोजन किया था, जिसमें जदयू, भाजपा और एनडीए के सभी घटक दलों के कई नेता शामिल हुए।
उन्होंने कहा—
“एनडीए की एकजुटता इसी से समझी जा सकती है कि अलग-अलग भोज में भी एनडीए के सभी नेता शामिल हो रहे हैं।”
“नेता प्रतिपक्ष के स्वागत में भी नहीं पहुंचे उनके नेता”
संजय सिंह ने राजद पर निशाना साधते हुए कहा—
“चुनाव के बाद 45 दिन की छुट्टी मनाकर जब नेता प्रतिपक्ष पटना लौटते हैं, तो न उनके दल का और न ही गठबंधन का कोई विधायक या नेता उन्हें रिसीव करने पहुंचता है। बाद में भी कोई नए साल की शुभकामनाएं देने नहीं जाता।”
उन्होंने दावा किया कि इससे साफ है कि राजद के भीतर नाराजगी है।
हालांकि उन्होंने यह भी कहा कि—
“राजद के विधायक नाराज जरूर हैं, लेकिन फिलहाल वे हमारी पार्टी के संपर्क में नहीं हैं।”


