पटना। बिहार की राजनीति में मकर संक्रांति का विशेष महत्व रहा है। इस पर्व के मौके पर अक्सर बड़े सियासी संकेत और समीकरण सामने आते हैं। इस बार की मकर संक्रांति भी कुछ ऐसी ही राजनीतिक हलचल लेकर आई है। खास बात यह है कि जिस बेटे तेज प्रताप यादव को विधानसभा चुनाव से पहले आरजेडी प्रमुख लालू प्रसाद यादव ने पार्टी और परिवार से बेदखल कर दिया था, वही बेटे मकर संक्रांति के मौके पर एक बार फिर लालू परिवार के करीब नजर आए। ऐसे में सवाल उठने लगे हैं कि क्या इस पर्व पर दिलों की दूरियां कम हुई हैं?
तेज प्रताप ने दिया दही-चूड़ा भोज
लालू प्रसाद के बड़े बेटे तेज प्रताप यादव ने मकर संक्रांति के अवसर पर दही-चूड़ा भोज का आयोजन किया है। इस आयोजन में सत्ता पक्ष से लेकर विपक्ष तक के कई बड़े नेताओं को आमंत्रित किया गया है। तेज प्रताप यादव ने खुद राज्यपाल आरिफ मोहम्मद खान, मुख्यमंत्री नीतीश कुमार और भाजपा कोटे के मंत्रियों के आवास पर जाकर भोज का निमंत्रण दिया था।
राबड़ी आवास पहुंचकर लिया आशीर्वाद
दही-चूड़ा भोज के निमंत्रण के सिलसिले में तेज प्रताप यादव राबड़ी आवास भी पहुंचे, जहां उन्होंने अपने पिता लालू प्रसाद यादव, मां राबड़ी देवी और छोटे भाई तेजस्वी यादव से मुलाकात की। इस मुलाकात को राजनीतिक और पारिवारिक दोनों नजरिए से अहम माना जा रहा है।
सोशल मीडिया पर साझा की तस्वीरें
तेज प्रताप यादव ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर तस्वीरें साझा करते हुए लिखा कि उन्होंने 10 सर्कुलर रोड स्थित आवास पर पहुंचकर अपने माता-पिता से आशीर्वाद लिया और नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव को 14 जनवरी को आयोजित होने वाले “ऐतिहासिक दही-चूड़ा भोज” का निमंत्रण दिया। उन्होंने अपनी भतीजी कात्यायनी के साथ बिताए पल का भी जिक्र किया।
चुनाव से पहले टूटा था रिश्ता
गौरतलब है कि बिहार विधानसभा चुनाव से ठीक पहले तेज प्रताप यादव ने फेसबुक के माध्यम से अपने 12 साल पुराने रिश्ते का खुलासा किया था। इस खुलासे के बाद न केवल राजनीतिक गलियारों में बल्कि लालू परिवार में भी भूचाल आ गया था। इसके बाद आरजेडी प्रमुख लालू प्रसाद यादव ने कड़ा कदम उठाते हुए तेज प्रताप को पार्टी से निष्कासित कर दिया था और उनसे पारिवारिक संबंध भी तोड़ने का ऐलान किया था।
अलग पार्टी बनाकर लड़ा था चुनाव
इसके बाद तेज प्रताप यादव ने अपनी अलग पार्टी बनाकर बिहार की सभी 243 विधानसभा सीटों पर महागठबंधन के उम्मीदवारों के खिलाफ प्रत्याशी उतारे थे। इसका असर चुनावी नतीजों पर भी देखने को मिला था।
लालू पहुंचे, तेजस्वी का इंतजार
अब मकर संक्रांति के मौके पर तेज प्रताप यादव के दही-चूड़ा भोज में लालू प्रसाद यादव की मौजूदगी ने सियासी हलकों में नई चर्चा को जन्म दे दिया है। हालांकि, सबकी निगाहें इस बात पर टिकी हैं कि क्या इस भोज में तेजस्वी यादव भी शामिल होते हैं। अगर ऐसा होता है, तो इसे लालू परिवार में रिश्तों की नई शुरुआत और बिहार की राजनीति में बड़े संकेत के तौर पर देखा जाएगा।


