पटना। बिहार में इस बार मकर संक्रांति 14 और 15 जनवरी को दो दिनों तक मनाई जा रही है। पर्व के दौरान चूड़ा-दही की परंपरा के कारण दूध और दही की मांग काफी बढ़ जाती है। इसे देखते हुए बिहार राज्य दुग्ध सहकारी संघ लिमिटेड (कंफेड) यानी सुधा डेयरी ने राज्यभर में व्यापक और मजबूत व्यवस्था की है।
125 लाख लीटर दूध और 35 लाख किलो दही की आपूर्ति
सुधा डेयरी के मार्केटिंग इंचार्ज अमरेंद्र ने बताया कि मकर संक्रांति को ध्यान में रखते हुए इस बार पूरे बिहार में करीब 125 लाख लीटर दूध और 35 लाख किलो दही की आपूर्ति का लक्ष्य रखा गया है, ताकि त्योहार के दौरान उपभोक्ताओं को किसी भी तरह की परेशानी न हो।
पिछले साल से ज्यादा तैयारी
अमरेंद्र ने बताया कि बीते वर्ष मकर संक्रांति के मौके पर रिकॉर्ड 113 लाख लीटर दूध और 29 लाख किलो दही की बिक्री हुई थी। इसके अलावा लगभग 18 हजार किलो तिलकुट भी बेचा गया था। इसी अनुभव के आधार पर इस बार उत्पादन और आपूर्ति की व्यवस्था को और मजबूत किया गया है।
उन्होंने कहा,
“मकर संक्रांति के लिए 125 लाख लीटर दूध, 35 लाख किलो दही के साथ-साथ करीब 22 हजार किलो तिलकुट का भी इंतजाम किया गया है। लगभग हर घर में इस दिन दूध और दही का उपयोग होता है, इसलिए यह हमारी प्राथमिकता है कि कहीं भी कमी न हो।”
मोबाइल वैन से भी होगी आपूर्ति
सुधा डेयरी ने सिर्फ आउटलेट्स पर निर्भर न रहते हुए मोबाइल वैन और विशेष वाहनों के जरिए भी दूध-दही की आपूर्ति की व्यवस्था की है। ये वाहन शहरी के साथ-साथ दूरदराज और ग्रामीण इलाकों में भी लगातार भ्रमण कर रहे हैं, ताकि मांग बढ़ने पर तुरंत सप्लाई की जा सके।
तीन स्तरों पर तैयारी
कंफेड की तैयारी तीन प्रमुख स्तरों पर की गई है—
- स्टॉक मेंटेनेंस: सभी सुधा आउटलेट्स पर पर्याप्त दूध और दही का भंडारण
- लॉजिस्टिक व्यवस्था: जरूरत पड़ने पर तुरंत अतिरिक्त सप्लाई भेजने के लिए वाहनों की व्यवस्था
- शिकायत निवारण प्रणाली: उपभोक्ताओं की शिकायतों के त्वरित समाधान के लिए विशेष टीमें
कोल्ड चेन पर विशेष ध्यान
दूध और दही की गुणवत्ता बनाए रखने के लिए कोल्ड चेन मेंटेनेंस पर खास फोकस किया गया है। उत्पादन से लेकर उपभोक्ता तक पहुंचने की पूरी प्रक्रिया में तापमान नियंत्रण सुनिश्चित किया जा रहा है। सुधा के हर पैकेट पर टोल-फ्री नंबर दिया गया है, जिस पर उपभोक्ता शिकायत दर्ज करा सकते हैं।
डिमांड-सप्लाई की लगातार निगरानी
मुख्यालय स्तर पर एक विशेष टीम तैनात की गई है, जो राज्यभर में डिमांड और सप्लाई की निगरानी कर रही है। किसी क्षेत्र से दूध या दही की कमी की सूचना मिलते ही वहां तुरंत विशेष वाहन भेजे जा रहे हैं। सभी दुग्ध संघों में भी अलग-अलग टीमें बनाई गई हैं।
अमरेंद्र ने बताया कि ग्रामीण और सुदूर इलाकों में दही की उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए विशेष वाहन लगाए गए हैं, ताकि वहां के उपभोक्ताओं को भी किसी तरह की परेशानी न हो।
रिकॉर्ड बिक्री की उम्मीद
कंफेड का कहना है कि उसकी पूरी कोशिश है कि मकर संक्रांति के दौरान बिहार के किसी भी हिस्से में दूध, दही या तिलकुट की कमी न हो। समय पर पर्याप्त आपूर्ति सुनिश्चित कर उपभोक्ताओं को बिना किसी परेशानी के पर्व मनाने का अवसर दिया जाएगा। कंफेड को उम्मीद है कि इस बार मकर संक्रांति पर बिक्री नए रिकॉर्ड बनाएगी।


