सारण। शिवम (11) हत्याकांड को लेकर मंगलवार को परिजनों और स्थानीय लोगों का आक्रोश सड़कों पर फूट पड़ा। न्याय की मांग को लेकर परिजनों ने शिवम के शव को रेवा-छपरा एनएच-722 स्थित भेल्दी चौक पर रखकर धरना-प्रदर्शन शुरू कर दिया। इस दौरान हालात बेकाबू हो गए और आक्रोशित भीड़ ने पुलिस पर हमला कर दिया।
बच्चे की हत्या से भड़का जनाक्रोश
प्रदर्शनकारी “शिवम को न्याय दो” और “गुनहगार को फांसी दो” के नारे लगाते रहे। पीएमसीएच पटना में पोस्टमार्टम के बाद सोमवार देर रात शव गांव लाया गया था, लेकिन परिजनों ने अंतिम संस्कार से इनकार कर दिया और शव को सड़क पर रखकर विरोध शुरू कर दिया।
पुलिस की कथित लापरवाही को लेकर गुस्सा
लोगों का आरोप है कि अपहरण के 12 दिन बीत जाने के बावजूद पुलिस शिवम को सकुशल बरामद नहीं कर पाई। परिजन बच्चे की तलाश में दर-दर भटकते रहे, लेकिन न तो पुलिस प्रशासन और न ही किसी जनप्रतिनिधि ने गंभीरता दिखाई। लोगों का कहना है कि समय रहते कार्रवाई होती तो बच्चे की जान बच सकती थी।
एनएच पर घंटों जाम, यातायात ठप
धरना-प्रदर्शन के कारण छपरा-रेवा मार्ग और अमनौर-डेरनी मुख्य पथ पूरी तरह जाम हो गया। दोनों ओर वाहनों की लंबी कतारें लग गईं और घंटों यातायात बाधित रहा, जिससे आम लोगों को भारी परेशानी उठानी पड़ी।
कई थानों की पुलिस मौके पर, भीड़ अड़ी रही
स्थिति की गंभीरता को देखते हुए भेल्दी, अमनौर और डेरनी थाना की पुलिस मौके पर पहुंची। इसके अलावा अंचलाधिकारी अजय कुमार, मरहौरा एसडीपीओ नरेश पासवान और एसडीएम निधि राज भी घटनास्थल पर पहुंचे। अधिकारियों ने लोगों को समझाने का प्रयास किया, लेकिन प्रदर्शनकारी सारण एसएसपी को मौके पर बुलाने की मांग पर अड़े रहे।
पुलिस पर हमला, वाहन क्षतिग्रस्त
अमनौर पुलिस के पहुंचते ही ग्रामीण और उग्र हो गए। आक्रोशित भीड़ ने अचानक पुलिस पर हमला कर दिया। इस दौरान अमनौर थाना की गाड़ियों में तोड़फोड़ की गई, जिससे इलाके में भगदड़ मच गई।
कई पुलिसकर्मी घायल
हमले में दो चौकीदार रोहित और अभिषेक, एक होमगार्ड चंचल कुमार, और इंस्पेक्टर का चालक घायल हो गया। सभी का इलाज अमनौर पीएचसी में कराया गया। प्रदर्शनकारियों का आरोप है कि अमनौर पुलिस की लापरवाही के कारण अपहरण के मामले में समय पर कार्रवाई नहीं हुई।
BSP और BMP की तैनाती
स्थिति को नियंत्रित करने के लिए मौके पर बीएसएपी और बीएमपी की टीम तैनात की गई। भीड़ साफ कह रही थी कि जब तक एसएसपी खुद आकर भरोसा नहीं दिलाएंगे, तब तक धरना समाप्त नहीं होगा।
31 दिसंबर को हुआ था अपहरण, 11 जनवरी को मिला शव
गौरतलब है कि शिवम का अपहरण 31 दिसंबर को हुआ था। इसके बाद 11 जनवरी को उसका शव बरामद किया गया, जिससे पूरे क्षेत्र में आक्रोश फैल गया। परिजन दोषियों की जल्द गिरफ्तारी और कड़ी सजा की मांग कर रहे हैं।
पिता का दर्द
शिवम के पिता राजन गुप्ता ने रोते हुए कहा,
“मैं अपने बच्चे के लिए हर दरवाजे पर गया। जो कहा गया, सब किया, बस मेरा बेटा जिंदा मिल जाए। किसी ने मदद नहीं की। मैं गरीब हूं, इसलिए कोई साथ नहीं आया। अब सबकुछ खत्म हो गया।”
एसपी के आश्वासन के बाद हटा जाम
मंगलवार दोपहर करीब दो बजे ग्रामीण एसपी संजय कुमार दल-बल के साथ मौके पर पहुंचे और परिजनों से बातचीत की। उन्होंने दोषियों पर सख्त कार्रवाई का भरोसा दिया, जिसके बाद ग्रामीण शांत हुए और सड़क जाम हटाया गया।
ग्रामीण एसपी संजय कुमार ने कहा,
“दोषी पुलिस अधिकारियों के विरुद्ध भी कार्रवाई की जाएगी। अपराधी चाहे जहां हों, उन्हें गिरफ्तार कर कड़ी से कड़ी सजा दिलाई जाएगी।”


