पटना। बिहार में एग्री स्टैक योजना के तहत चल रहा फार्मर रजिस्ट्रेशन अभियान तेजी से आगे बढ़ रहा है। रविवार को एक ही दिन में 2.87 लाख से अधिक किसानों का पंजीकरण किया गया, जो अब तक का एक दिन का सर्वाधिक आंकड़ा है। यह तय दैनिक लक्ष्य 2.48 लाख से कहीं अधिक है और लगभग 116 प्रतिशत उपलब्धि को दर्शाता है।
अब तक 16.12 लाख किसानों का रजिस्ट्रेशन
राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग की आधिकारिक रिपोर्ट के अनुसार 11 जनवरी 2026 की शाम 6:40 बजे तक राज्य में कुल 16.12 लाख से अधिक किसानों का फार्मर रजिस्ट्रेशन सफलतापूर्वक पूरा हो चुका है। वहीं प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना के तहत पंजीकृत किसानों की संख्या 10.48 लाख से अधिक पहुंच गई है।
डिजिटल सशक्तिकरण की दिशा में बड़ा कदम
उपमुख्यमंत्री सह राजस्व एवं भूमि सुधार मंत्री विजय कुमार सिन्हा ने इस उपलब्धि को किसानों के डिजिटल सशक्तिकरण की दिशा में ऐतिहासिक बताया। उन्होंने कहा कि फार्मर रजिस्ट्रेशन से किसानों को एक डिजिटल पहचान मिल रही है, जिससे केंद्र और राज्य सरकार की योजनाओं का लाभ सीधे और पारदर्शी तरीके से किसानों के खाते तक पहुंचेगा।
“फार्मर रजिस्ट्रेशन के माध्यम से पीएम किसान सहित सभी योजनाओं का लाभ बिना बिचौलियों के पात्र किसानों तक पहुंचेगा। सीएससी और ऑनलाइन पोर्टल के जरिए रजिस्ट्रेशन की सुविधा लगातार उपलब्ध है।”
— विजय कुमार सिन्हा, उपमुख्यमंत्री, बिहार
पीएम किसान का लक्ष्य अभी भी बड़ा

आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार बिहार में पीएम किसान योजना का कुल लक्ष्य 75.01 लाख किसानों का है। इसके मुकाबले अभी 64.53 लाख किसानों का सत्यापन और कवरेज शेष है। इसे देखते हुए राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग तथा कृषि विभाग ने सभी जिला प्रशासन को मिशन मोड में अभियान चलाने के निर्देश दिए हैं।
रविवार को भी पंचायत स्तर पर लगे शिविर
अभियान को गति देने के लिए रविवार को भी पंचायत स्तर पर विशेष शिविर लगाए गए। हर पंचायत में रजिस्ट्रेशन काउंटर सक्रिय रहे, जिससे बड़ी संख्या में किसानों ने मौके पर ही अपना पंजीकरण कराया। अधिकारियों के अनुसार इसी कारण एक ही दिन में रिकॉर्ड संख्या में रजिस्ट्रेशन संभव हो सका।
बड़े जिलों का शानदार प्रदर्शन
फार्मर रजिस्ट्रेशन में कई बड़े जिलों ने बेहतरीन प्रदर्शन किया है—
- मुजफ्फरपुर: 95,351
- भागलपुर: 67,385
- कटिहार: 69,722
- पूर्णिया: 66,765
- मधुबनी: 46,926
- रोहतास: 46,366
इन जिलों में दैनिक लक्ष्य के मुकाबले 150 से 190 प्रतिशत तक की उपलब्धि दर्ज की गई।
छोटे जिलों में भी दिखी तेजी
कम आबादी वाले जिलों में भी अभियान की रफ्तार संतोषजनक रही—
- शिवहर: 17,715
- शेखपुरा: 19,114
- अरवल: 10,407
- लखीसराय: 14,535
यह स्थानीय प्रशासन और पंचायत स्तर की सक्रियता को दर्शाता है।
पीएम किसान से जोड़ने पर विशेष फोकस
राज्य सरकार का जोर सिर्फ रजिस्ट्रेशन तक सीमित नहीं है, बल्कि पंजीकृत किसानों को पीएम किसान योजना से जोड़ने पर भी है। उदाहरण के तौर पर—
- वैशाली: 77,844 रजिस्ट्रेशन में से 37,193 पीएम किसान लाभार्थी
- सहरसा: 49,739 रजिस्ट्रेशन में से 37,827 लाभार्थी
सीएससी और ऑनलाइन पोर्टल से आसान प्रक्रिया
राज्य के सभी सीएससी (वसुधा) केंद्रों पर फार्मर रजिस्ट्रेशन की सुविधा उपलब्ध है। इसके अलावा किसान स्वयं ऑनलाइन पोर्टल के माध्यम से घर बैठे भी पंजीकरण कर सकते हैं, जिससे दूर-दराज के इलाकों के किसानों को भी सहूलियत मिल रही है।
पंचायत प्रतिनिधियों से सहयोग की अपील
राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग के प्रधान सचिव सीके अनिल ने पंचायत प्रतिनिधियों से अभियान को और मजबूत करने की अपील की।
“फार्मर रजिस्ट्रेशन का उद्देश्य किसानों को डिजिटल पहचान देना है, ताकि वर्तमान और भविष्य की सभी योजनाओं का लाभ सीधे और पारदर्शी तरीके से किसानों तक पहुंचे।”
— सीके अनिल, प्रधान सचिव


