साइबर अपराधियों पर कसेगी नकेल, बिहार पुलिस की नई रणनीति; मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने दो नई इकाइयों का किया शुभारंभ

पटना। बिहार में बढ़ते साइबर अपराध और मादक पदार्थों की तस्करी पर लगाम कसने के लिए पुलिस महकमे ने बड़ी तैयारी शुरू कर दी है। इसी कड़ी में सोमवार को बिहार पुलिस मुख्यालय में दो दिवसीय राज्यस्तरीय पुलिस कांफ्रेंस की शुरुआत हुई। इस मौके पर मुख्यमंत्री ने साइबर अपराध एवं सुरक्षा इकाई का विधिवत शुभारंभ किया। साथ ही मद्य निषेध एवं राज्य स्वापक नियंत्रण ब्यूरो की भी औपचारिक शुरुआत की गई।

सरदार पटेल भवन स्थित बिहार पुलिस मुख्यालय सभागार में आयोजित इस कांफ्रेंस का उद्घाटन मुख्यमंत्री ने किया। कार्यक्रम में उप मुख्यमंत्री सह गृह मंत्री सम्राट चौधरी विशिष्ट अतिथि के रूप में मौजूद रहे। कांफ्रेंस के पहले दिन राज्य में साइबर अपराध के बढ़ते मामलों और नशे की आपूर्ति शृंखला तोड़ने को लेकर गहन मंथन किया गया।

कार्यक्रम में मुख्यमंत्री के प्रधान सचिव दीपक कुमार, मुख्य सचिव प्रत्यय अमृत, गृह विभाग के अपर मुख्य सचिव अरविन्द कुमार चौधरी, डीजीपी विनय कुमार समेत पुलिस मुख्यालय की सभी इकाइयों के एडीजी, रेंज आईजी, डीआईजी, वरिष्ठ एसपी और एसपी मौजूद रहे। वहीं जिलों और क्षेत्रों में तैनात डीएसपी व अंचल पुलिस निरीक्षक वेबकास्टिंग के जरिए कांफ्रेंस से जुड़े।

भविष्य की चुनौतियों पर फोकस
डीजीपी विनय कुमार ने बताया कि नवंबर 2025 में रायपुर में हुई देशभर के पुलिस महानिदेशकों की बैठक में मिले सुझावों को जिला और थाना स्तर तक लागू करने के उद्देश्य से यह कांफ्रेंस आयोजित की गई है। उन्होंने कहा कि आने वाले समय में साइबर अपराध, ड्रग्स, आतंकवाद और कट्टरता पुलिसिंग के लिए बड़ी चुनौती होंगे।

उन्होंने स्पष्ट किया कि इस कांफ्रेंस में तैयार की जा रही रणनीति को सभी आईजी, डीआईजी और एसपी अपने-अपने क्षेत्रों में जमीन पर उतारने का काम करेंगे, ताकि बिहार में पुलिसिंग को और अधिक जनोन्मुखी और प्रभावी बनाया जा सके।

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