गया। जनता दल यूनाइटेड (जदयू) के प्रदेश सचिव चंदन यादव ने पार्टी की प्राथमिक सदस्यता और अपने पद से इस्तीफा दे दिया है। उन्होंने अपने इस्तीफे की जानकारी पार्टी के शीर्ष नेताओं को ई-मेल के माध्यम से दी और गया में आयोजित प्रेस वार्ता में इसकी सार्वजनिक घोषणा की।
इस्तीफे की वजह बताई
प्रेस वार्ता में चंदन यादव ने कहा कि जदयू में नीतीशवादी कार्यकर्ताओं और नेताओं को लगातार उपेक्षित किया जा रहा है, जबकि मुट्ठी भर लोग संगठन को अपने हिसाब से चला रहे हैं।
“जदयू में नीतीशवादी कार्यकर्ताओं-नेताओं को दरकिनार किया जा रहा है। इसको लेकर कई बार शिकायत की गई, लेकिन स्थिति नहीं बदली। मजबूर होकर मैंने पार्टी की प्राथमिक सदस्यता और पद से इस्तीफा देने का फैसला लिया।”
— चंदन यादव, पूर्व प्रदेश सचिव, जदयू
22 वर्षों का सफर
चंदन यादव ने बताया कि वे पिछले 22 वर्षों से जदयू से जुड़े थे। युवावस्था से ही पार्टी में सक्रिय रहे और विभिन्न पदों पर काम करते हुए वर्तमान में प्रदेश सचिव बने। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के नेतृत्व में पार्टी दोबारा सत्ता में आई, लेकिन संगठन की संरचना को लेकर जिला से लेकर प्रदेश स्तर तक असंतोष है।
नीतीश कुमार से भी की थी शिकायत
उन्होंने बताया कि इस मुद्दे को लेकर उन्होंने दिल्ली में व्यक्तिगत रूप से मुख्यमंत्री नीतीश कुमार से मुलाकात कर शिकायत भी की थी। संगठन में कुछ लोगों द्वारा अपने करीबियों को आगे बढ़ाने और नीतीशवादी कार्यकर्ताओं को नजरअंदाज करने की बात मुख्यमंत्री को बताई गई, लेकिन इसके बावजूद कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई।
कुछ नेताओं पर गंभीर आरोप
चंदन यादव ने आरोप लगाया कि जदयू में कुछ नेता, जिनमें चंदन सिंह जैसे लोग शामिल हैं, मुख्यमंत्री के इर्द-गिर्द रहकर संगठन पर प्रभाव डाल रहे हैं और नीतीशवादी नेताओं को किनारे कर रहे हैं।
और भी नेता छोड़ सकते हैं जदयू
उन्होंने स्पष्ट किया कि उन्हें मुख्यमंत्री नीतीश कुमार से कोई व्यक्तिगत शिकायत नहीं है, बल्कि उनके आसपास मौजूद लोगों के कारण वे पार्टी छोड़ने को मजबूर हुए हैं। चंदन यादव ने दावा किया कि उनके साथ कई अन्य नेताओं ने भी जदयू छोड़ दिया है, और आने वाले दिनों में पटना में प्रेस वार्ता कर प्रदेश स्तर के कई नेता पार्टी से इस्तीफा देने की घोषणा करेंगे।


