पटना। केंद्र सरकार ने दिसंबर 2025 में मनरेगा (MNREGA) की जगह एक नया कानून पारित किया है, जिसका नाम ‘विकसित भारत–रोजगार गारंटी और आजीविका मिशन (ग्रामीण)’ (VB-G RAM G) रखा गया है। यह नया कानून साल 2026 से लागू होगा। सरकार का दावा है कि यह कानून रोजगार के अवसर बढ़ाने और ग्रामीण बुनियादी ढांचे को मजबूत करेगा, लेकिन बिहार में इसे लेकर सियासी घमासान शुरू हो गया है।
महात्मा गांधी का नाम हटाने पर आपत्ति
कांग्रेस के वरिष्ठ नेता शकील अहमद खान ने केंद्र सरकार की मंशा पर सवाल उठाते हुए कहा कि मनरेगा से महात्मा गांधी का नाम हटाना यह दर्शाता है कि बीजेपी को बापू के नाम और विचारों से आपत्ति है।
उन्होंने कहा कि मनरेगा से बिहार जैसे राज्यों को बड़ा लाभ मिल रहा था, लेकिन अब नए कानून के तहत राज्य सरकार को 40% खर्च वहन करना होगा, जो पहले नहीं था। इससे बिहार जैसे आर्थिक रूप से कमजोर राज्यों पर अतिरिक्त बोझ पड़ेगा।
‘योजना नहीं, मिशन’ बनाने पर सवाल
प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष राजेश राम ने कहा कि बीजेपी ने एक तीर से तीन निशाने साधे हैं।
उन्होंने आरोप लगाया कि—
- महात्मा गांधी के नाम और उनके सत्य-अहिंसा के सिद्धांत को हटाया गया।
- योजना को “मिशन” में बदल दिया गया, जिसे कभी भी बंद किया जा सकता है।
- रोजगार के दिन बढ़ाने की बात तो की गई, लेकिन सारे अधिकार केंद्र सरकार अपने पास रखे गए हैं, राज्यों को सीमित भूमिका दी गई है।
राजेश राम ने साफ कहा कि कांग्रेस किसी भी हाल में इस व्यवस्था को लागू होने नहीं देगी।
चरणबद्ध आंदोलन का ऐलान
कांग्रेस ने इस कानून के खिलाफ 10 जनवरी से 25 फरवरी तक बिहारव्यापी आंदोलन का ऐलान किया है।
- 10 जनवरी: जिला स्तर पर प्रेस कॉन्फ्रेंस
- 11 जनवरी: उपवास
- 12 जनवरी: पंचायत स्तर पर जनसभा
- 30 जनवरी: वार्ड स्तर पर शांति मार्च व धरना
- 31 जनवरी–6 फरवरी: जिला स्तर पर आंदोलन
- 5–15 फरवरी: विधानसभा स्तर पर प्रदर्शन
- 16–25 फरवरी: क्षेत्रीय रैलियां
रोजगार के दिनों में बढ़ोतरी, खर्च का बदला फार्मूला
नए कानून के तहत ग्रामीण परिवारों को अब साल में 125 दिन के रोजगार की गारंटी दी गई है, जो पहले 100 दिन थी।
हालांकि, मजदूरी का खर्च अब केंद्र और राज्य के बीच 60:40 के अनुपात में होगा।
साथ ही, गड्ढा खोदने जैसे अस्थायी कार्यों की जगह स्थायी बुनियादी ढांचे—जल संरक्षण, ग्रामीण सड़कें और आपदा प्रबंधन—पर जोर दिया जाएगा।
तकनीक का अनिवार्य इस्तेमाल
VB-G RAM G के तहत AI, जियो-टैगिंग और फेस रिकग्निशन जैसी तकनीकों का अनिवार्य उपयोग किया जाएगा।
खेती के मौसम को ध्यान में रखते हुए बुवाई और कटाई के दौरान 60 दिनों का ‘कार्य-विराम’ भी रखा गया है, ताकि कृषि कार्य प्रभावित न हों।


