भागलपुर। कहलगांव अनुमंडल के ओगरी, लगमा एवं वंशीपुर पंचायत में तैनात कृषि समन्वयक कुमार सदाशिव को ई-केवाईसी और फार्मर रजिस्ट्री जैसे महत्वपूर्ण कार्यों में लापरवाही और अनधिकृत अनुपस्थिति के आरोप में निलंबित कर दिया गया है। यह कार्रवाई अनुमंडल कृषि पदाधिकारी, कहलगांव की रिपोर्ट और अनुशंसा के आधार पर की गई।
प्रतिवेदन के अनुसार, कृषि समन्वयक कुमार सदाशिव 31 दिसंबर 2025 से 01 जनवरी 2026 तक आवेदन देकर तथा 02 जनवरी 2026 से अब तक बिना सूचना पंचायत मुख्यालय से अनुपस्थित पाए गए। इस अवधि में वे ई-केवाईसी जैसे अहम कार्यों से दूर रहे। मामले में प्रखंड कृषि पदाधिकारी, कहलगांव द्वारा 02 जनवरी और 04 जनवरी 2026 को स्पष्टीकरण मांगा गया था, लेकिन तय समय में कोई जवाब नहीं दिया गया।
रिपोर्ट में इसे स्वेच्छाचारिता, कर्तव्यहीनता, उच्चाधिकारियों के आदेश की अवहेलना और एग्री-स्टैक परियोजना के तहत फार्मर रजिस्ट्री की प्रगति में जानबूझकर बाधा डालना बताया गया है। यह आचरण बिहार सरकारी सेवक आचार नियमावली, 1976 के नियम 3(1) का उल्लंघन माना गया।
06 जनवरी 2026 को (उप विकास आयुक्त, भागलपुर) की अध्यक्षता में एग्री-स्टैक परियोजना की समीक्षा बैठक में, अनधिकृत अनुपस्थिति और लापरवाही पर विभागीय कार्रवाई के निर्देश दिए गए थे। इसके आलोक में अनुमंडल कृषि पदाधिकारी, कहलगांव ने कार्रवाई की अनुशंसा की।
अनुशंसा के आधार पर 07 जनवरी 2026 को जिला कृषि पदाधिकारी ने आदेश जारी करते हुए कुमार सदाशिव को बिहार सरकारी सेवक (वर्गीकरण, नियंत्रण एवं अपील) नियमावली, 2005 के नियम 9(1) के तहत तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया। आदेश में कहा गया कि एग्री-स्टैक परियोजना के अंतर्गत फार्मर रजिस्ट्री जैसे महत्वपूर्ण कार्य में रुचि न लेने और कार्यक्षेत्र से अनुपस्थित रहने के आरोप गंभीर हैं।
निलंबन अवधि में कुमार सदाशिव का मुख्यालय अनुमंडल कृषि कार्यालय, नवगछिया निर्धारित किया गया है। निलंबन काल में नियमानुसार जीवन निर्वहन भत्ता देय होगा, जिसकी गणना मुख्यालय से निर्गत अनुपस्थिति विवरणी के आधार पर की जाएगी। मामले में आरोप-पत्र अलग से जारी किया जाएगा।


