जम्मू-कश्मीर। बुधवार को जम्मू-कश्मीर और लद्दाख में भीषण शीत लहर का असर लगातार बढ़ता गया। अधिकारियों के अनुसार, कश्मीर घाटी और ऊंचाई वाले क्षेत्रों में तापमान लगातार शून्य से नीचे दर्ज किया गया। भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (आईएमडी) ने अगले 10 दिनों तक राहत की संभावना को खारिज किया है। इसका मुख्य कारण है चिल्लई-कलां की चरम अवधि — सर्दियों का सबसे भीषण 40 दिन का चरण।
प्रमुख तापमान रिकॉर्ड
- लद्दाख: द्रास -22.8°C, न्योमा -20.2°C, पद्म -16.8°C, लेह -13.4°C, कारगिल -11.6°C
- कश्मीर घाटी: श्रीनगर -1.6°C, पहलगाम -7.2°C, गुलमर्ग -7.6°C, सोनमर्ग -10.1°C, पुलवामा -5.1°C, शोपियां -4.3°C
- अन्य क्षेत्रों में कुपवारा -3.6°C, कोकरनाग -2.3°C, बारामूला -3.0°C, श्रीनगर हवाई अड्डा -2.2°C
अगले कुछ दिन का पूर्वानुमान
- कश्मीर और जम्मू के मैदानी इलाकों में: -4°C से -9°C
- ऊंचाई वाले इलाके: -16°C से -25°C
- जम्मू के मैदानी क्षेत्र: 0°C से 6°C
- 12-13 जनवरी के आसपास ऊंचे इलाकों में छिटपुट बारिश या बर्फबारी की संभावना
- अगले पांच दिनों तक मैदानी इलाकों में मध्यम से घना कोहरा, ऊंचे इलाकों में हल्की बर्फबारी
बर्फबारी और पर्यटन
नए साल से गुलमर्ग, सोनमर्ग और पहलगाम जैसे पर्यटन स्थलों पर ताजा बर्फबारी हुई है। इसके बावजूद साहसिक गतिविधियों के शौकीन लोग स्कीइंग और स्नोबोर्डिंग के लिए उमड़ रहे हैं।
यातायात बाधाएं
- भारी बर्फबारी के कारण जोजिला, राजदान टॉप, साधना टॉप, मुगल रोड, सिंथन पास, गुरेज रोड जैसे प्रमुख पहाड़ी दर्रे बंद
- दक्षिण कश्मीर-पूंछ, कश्मीर-किश्तवार और अन्य क्षेत्रों के बीच संपर्क बाधित
अतिरिक्त जानकारी
शुष्क मौसम और कम नदियों के जलस्तर ने चिल्लई-कलां (21 दिसंबर से शुरू) के दौरान परिवहन में व्यवधान बढ़ाया। हालांकि जम्मू शहर में स्थिति अपेक्षाकृत हल्की है, लेकिन भीषण शीतलहर की गंभीरता यहां भी महसूस की जा रही है।


