पटना। लोक स्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग (PHED) के मंत्री संजय सिंह ने कांग्रेस को लेकर बड़ा राजनीतिक बयान दिया है। ईटीवी भारत से बातचीत के दौरान मंत्री संजय सिंह ने दावा किया कि खरमास के बाद कांग्रेस में बड़ा उथल-पुथल देखने को मिलेगा और पार्टी के कई विधायक एनडीए का हिस्सा बनेंगे। उन्होंने संकेत दिया कि कांग्रेस के कई विधायक उनकी पार्टी के संपर्क में हैं।
संजय सिंह ने कहा,
“बिहार में कांग्रेस के लोग और उनके विधायक लगातार संपर्क में हैं। मधुबनी में जो हुआ और चुनाव के बाद कांग्रेस की बैठकों में जो हालात दिख रहे हैं, उससे साफ है कि खरमास के बाद कांग्रेस के कई विधायक एनडीए में शामिल होंगे। कांग्रेस की कार्यशैली से विधायक और कार्यकर्ता नाराज हैं।”
बंगाल में बनेगी NDA की सरकार: संजय सिंह
पश्चिम बंगाल में चुनाव लड़ने के सवाल पर मंत्री संजय सिंह ने कहा कि लोक जनशक्ति पार्टी (रामविलास) के राष्ट्रीय अध्यक्ष चिराग पासवान जो भी निर्देश देंगे, वह उसी के अनुसार काम करेंगे।
उन्होंने कहा,
“मैं पार्टी का सिपाही हूं। राष्ट्रीय अध्यक्ष का जो आदेश होगा, जिस राज्य के लिए होगा, वहां जाकर NDA के लिए काम करूंगा। हमें पूरी उम्मीद है कि इस बार बंगाल में NDA की पूर्ण बहुमत की सरकार बनेगी।”
104 नव नियुक्त सहायक अभियंताओं के कार्यक्रम में हुए शामिल
दरअसल, संजय सिंह पटना के बापू टावर सभागार में आयोजित 104 नव नियुक्त सहायक अभियंताओं के उन्मुखीकरण कार्यक्रम में शामिल हुए थे। कार्यक्रम में उन्होंने अधिकारियों और कर्मचारियों से लोगों की समस्याओं का समाधान संवेदनशीलता और सम्मान के साथ करने का आह्वान किया।
कार्यक्रम के बाद मंत्री ने कहा,
“आज के वर्कशॉप में विभाग के वरिष्ठ पदाधिकारियों ने भी अपनी बात रखी। नव नियुक्त अभियंताओं को बताया गया कि आने वाले समय में उन्हें कैसे काम करना है और लोगों का काम सम्मानपूर्वक पूरा करना है। जितना अच्छा आप काम करेंगे, उतना ही अच्छा फल आपको मिलेगा।”
अच्छे काम करने वालों को मिलेगा प्रोत्साहन
संजय सिंह ने कहा कि विभाग में अच्छा काम करने वाले कर्मियों को समय-समय पर पुरस्कृत कर प्रोत्साहित किया जाएगा। उन्होंने नवनियुक्त अभियंताओं को यह भी कहा कि उनका करियर लंबा है और बेहतर कार्यशैली से उनका भविष्य मजबूत होगा।
बिजली बिल भुगतान में आई तेजी
मंत्री संजय सिंह ने बताया कि विभाग में बिजली बिल भुगतान को लेकर दिए गए सख्त निर्देशों का सकारात्मक असर देखने को मिल रहा है। उन्होंने कहा कि जिन ठेकेदारों के कार्यालय का बिजली बिल बकाया रहेगा, उन्हें आगे कोई नया कॉन्ट्रैक्ट नहीं दिया जाएगा और संबंधित अधिकारियों पर भी कार्रवाई होगी।
उन्होंने बताया,
“पहले जहां प्रतिदिन करीब 25 लाख रुपये का बिजली बिल भुगतान होता था, वहीं अब यह बढ़कर चार करोड़ रुपये प्रतिदिन तक पहुंच गया है। अधिकारी गंभीरता से काम कर रहे हैं और बकाया भुगतान तेजी से हो रहा है। ठेकेदार समझ चुके हैं कि समय पर सरकारी राजस्व नहीं चुकाने पर उन्हें नया काम नहीं मिलेगा।”


