पटना। बिहार शिक्षक भर्ती परीक्षा TRE-3 पेपर लीक कांड में आर्थिक अपराध इकाई (EOU) को बड़ी कामयाबी मिली है। ईओयू की विशेष टीम ने राजधानी पटना के गोला रोड इलाके में छापेमारी कर मास्टरमाइंड संजीव मुखिया के गिरोह से जुड़े एक अहम सदस्य को गिरफ्तार किया है।
गिरफ्तार आरोपी की पहचान बिपुल कुमार उर्फ बिपुल शर्मा के रूप में हुई है। ईओयू के अनुसार, बिपुल कुमार न सिर्फ बिहार शिक्षक भर्ती परीक्षा TRE-3 बल्कि हरियाणा में आयोजित STET परीक्षा के पेपर लीक मामले में भी शामिल रहा है।
पटना से हुई गिरफ्तारी
ईओयू अधिकारियों ने बताया कि बीपीएससी के माध्यम से आयोजित शिक्षक भर्ती परीक्षा TRE-3 का पेपर लीक होने के बाद आर्थिक अपराध थाना में प्राथमिकी दर्ज की गई थी। इसके बाद से लगातार मामले की गहन जांच की जा रही है और गिरोह से जुड़े लोगों पर कार्रवाई की जा रही है।
सोमवार को ईओयू की विशेष टीम को गुप्त सूचना मिली कि संजीव मुखिया गिरोह का वांछित आरोपी बिपुल कुमार गोला रोड स्थित अपने आवास में छिपकर रह रहा है। सूचना की पुष्टि के बाद टीम ने त्वरित कार्रवाई करते हुए छापेमारी की और उसे गिरफ्तार कर लिया।
पूछताछ में कई अहम खुलासे
ईओयू की ओर से जारी प्रेस विज्ञप्ति के अनुसार, पूछताछ में बिपुल कुमार ने स्वीकार किया कि वह संजीव मुखिया और गिरोह के अन्य सदस्यों के साथ मिलकर प्रतियोगी परीक्षाओं के अभ्यर्थियों को पास कराने का झांसा देता था। इसके बदले उनसे मोटी रकम वसूली जाती थी।
जांच में यह भी सामने आया है कि वर्ष 2023 में हरियाणा में आयोजित STET परीक्षा का पेपर लीक कराने की साजिश में बिपुल कुमार की सक्रिय भूमिका थी।
अब तक 289 आरोपियों की गिरफ्तारी
ईओयू ने बताया कि इस पेपर लीक कांड में अब तक 289 आरोपियों को गिरफ्तार किया जा चुका है। फरार आरोपियों की तलाश में लगातार छापेमारी अभियान चलाया जा रहा है।
जांच एजेंसी अब यह पता लगाने में जुटी है कि इस नेटवर्क से और कौन-कौन लोग जुड़े हैं और अब तक कितनी रकम की अवैध वसूली की गई है।
न्यायिक हिरासत में भेजा गया आरोपी
पूछताछ पूरी होने के बाद बिपुल कुमार को न्यायालय में पेश किया गया, जहां से उसे न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया। ईओयू ने साफ कहा है कि पेपर लीक जैसे गंभीर अपराध में शामिल किसी भी व्यक्ति को बख्शा नहीं जाएगा और आने वाले दिनों में इस गिरोह से जुड़े अन्य बड़े नामों का भी खुलासा हो सकता है।


