पटना। पटना हाईकोर्ट में चौक थाना प्रभारी मंजीत ठाकुर, सहयोगी दारोगा गौरव कुमार और भागलपुर सेंट्रल जेल के अधीक्षक राजीव झा के खिलाफ एक क्रिमिनल रिट याचिका दायर की गई है। यह याचिका अविनाश श्रीवास्तव की पत्नी पिंकी देवी ने अपने अधिवक्ता ओम प्रकाश कुमार के माध्यम से दाखिल की है।
क्या है पूरा मामला?
याचिका में कहा गया है कि अविनाश श्रीवास्तव एक मामले में भागलपुर सेंट्रल जेल में बंद थे। 29 नवंबर 2025 को सुबह 10:57 बजे उन्हें जमानत पर जेल से रिहा किया गया। जेल गेट से बाहर निकलने के बाद जैसे ही उन्होंने ई-रिक्शा रोका, उसी दौरान सादे लिबास में दो लोग वहां पहुंचे और उन्हें जबरन पकड़ने लगे। विरोध के दौरान हाथापाई हुई, जिससे ई-रिक्शा पलट गया।
जबरन गाड़ी में बैठाकर ले जाने का आरोप
याचिका के अनुसार, दोनों व्यक्तियों ने अविनाश श्रीवास्तव को जबरन एक कार में बैठाया। इसके बाद बरौनी रिफाइनरी से करीब एक किलोमीटर पहले एक होटल में खाना खाया गया। फिर उन्हें एनटीपीएस थाना ले जाया गया, जहां पीछे के रास्ते से थानाध्यक्ष के कार्यालय में लगभग एक घंटे तक रखा गया। इसके बाद उन्हें सबलपुर थाना ले जाया गया।
एनकाउंटर की कथित बातचीत
याचिका में आरोप लगाया गया है कि सबलपुर थाना में दोनों व्यक्ति, वहां के थाना प्रभारी से अविनाश श्रीवास्तव के एनकाउंटर को लेकर बातचीत कर रहे थे। हालांकि, सबलपुर थाना प्रभारी ने यह कहकर मना कर दिया कि उनके क्षेत्र में एनकाउंटर नहीं किया जा सकता।
हथियार और गोली देने का आरोप
इसके बाद कुछ अन्य लोग वहां पहुंचे और उन दोनों व्यक्तियों को पिस्तौल और गोलियां दी गईं। फिर अविनाश श्रीवास्तव को पटना के गुरुद्वारा ले जाकर लगभग एक घंटे तक रखा गया। अंधेरा होने के बाद उन्हें पीछे के रास्ते से चौक थाना लाया गया, जहां उन्हें पता चला कि एक व्यक्ति चौक थाना प्रभारी मंजीत ठाकुर हैं और दूसरे एएसआई गौरव कुमार।
फर्जी हथियार बरामदगी और वीडियो बनाने का आरोप
याचिका के अनुसार, 1 दिसंबर 2025 की मध्यरात्रि में अविनाश श्रीवास्तव को ROB के पास ले जाया गया। वहां उनकी पैंट की जेब में 6 गोलियां और कमर में एक देसी कट्टा रखकर वीडियो बनाया गया। आरोप है कि उन्हें धमकाया गया कि बताए गए अनुसार बयान नहीं देने पर एनकाउंटर कर दिया जाएगा। डर के कारण उन्होंने वीडियो में कथित आरोप स्वीकार किया।
इसके बाद सुबह में उन्हें चौक थाना कांड संख्या 502/2025, धारा 25(1-b)(a) और 26 आर्म्स एक्ट के तहत जेल भेज दिया गया।
हाईकोर्ट से क्या मांग?
अविनाश श्रीवास्तव की पत्नी पिंकी देवी ने हाईकोर्ट से प्रार्थना की है कि उनके पति के अपहरण और फर्जी एनकाउंटर की साजिश की गहन न्यायिक जांच कराई जाए। उन्होंने मोबाइल टावर लोकेशन और सीसीटीवी फुटेज के आधार पर मामले की जांच कर दोषी पुलिस अधिकारियों और अन्य लोगों को सजा देने की मांग की है।


