गया जिले में मादक पदार्थों के अवैध कारोबार के खिलाफ प्रशासन ने एक बार फिर सख्त कार्रवाई करते हुए बड़ी सफलता हासिल की है। जिलाधिकारी और वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक के स्पष्ट निर्देश पर इमामगंज अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी के नेतृत्व में एक व्यापक संयुक्त अभियान चलाया गया, जिसमें 4.60 एकड़ भूमि में अवैध रूप से की जा रही अफीम की खेती को पूरी तरह नष्ट कर दिया गया।
यह कार्रवाई छकरबंधा थाना क्षेत्र अंतर्गत पिपरेहट और कोकना गांवों के आसपास स्थित घने और दुर्गम जंगलों में की गई। प्रशासन को लंबे समय से इन इलाकों में अफीम की अवैध खेती की सूचना मिल रही थी, जिसके बाद योजनाबद्ध तरीके से छापेमारी की गई।
दुर्गम जंगलों में घंटों चला अभियान
संयुक्त छापेमारी दल ने दुर्गम जंगलों और कठिन रास्तों से होते हुए मौके पर पहुंचकर करीब 4.60 एकड़ क्षेत्र में फैली अफीम की फसल को ट्रैक्टर चलाकर नष्ट किया। अभियान के दौरान किसी भी अप्रिय स्थिति से निपटने के लिए सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए थे। कार्रवाई कई घंटों तक चली, जिसमें पूरे इलाके की घेराबंदी कर फसल को जड़ से समाप्त किया गया।
कई विभागों की संयुक्त कार्रवाई
इस अभियान में इमामगंज अनुमंडल पदाधिकारी कमलेश कुमार, छकरबंधा थानाध्यक्ष शमशेर आलम, विशेष कार्य बल, उत्पाद विभाग, वन विभाग, डुमरिया अंचलाधिकारी तथा सीआरपीएफ 47 बी के जवानों की सक्रिय भागीदारी रही। सभी विभागों के समन्वय से अभियान को सफलतापूर्वक अंजाम दिया गया।
दोषियों पर होगी सख्त कार्रवाई
प्रशासनिक अधिकारियों ने बताया कि जिले में नशे के अवैध कारोबार पर पूरी तरह अंकुश लगाने के लिए लगातार सघन अभियान चलाया जा रहा है। अफीम की अवैध खेती करने वालों को किसी भी सूरत में बख्शा नहीं जाएगा। संबंधित इलाकों में निगरानी और तेज की जाएगी तथा दोषियों की पहचान कर उनके खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
नशामुक्त जिला बनाने का संकल्प
अधिकारियों ने आम जनता से भी अपील की है कि नशे से जुड़ी किसी भी अवैध गतिविधि की जानकारी तुरंत प्रशासन या पुलिस को दें, ताकि समय रहते कार्रवाई की जा सके। प्रशासन ने दो टूक कहा है कि जिले को नशामुक्त बनाने की दिशा में यह अभियान आगे भी लगातार जारी रहेगा।
इस कार्रवाई के बाद अवैध अफीम की खेती से जुड़े नेटवर्क में हड़कंप मचा हुआ है और प्रशासन की इस सख्ती को नशे के खिलाफ बड़ी पहल के रूप में देखा जा रहा है।


