समस्तीपुर: बिहार में एक बार फिर रेलवे सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े करते हुए मालगाड़ी के बेपटरी होने की घटना सामने आई है। सोमवार देर रात समस्तीपुर–खगड़िया रेल खंड पर एक मालगाड़ी का टैंक वैगन अचानक पटरी से उतर गया। यह हादसा रुसेराघाट रेलवे स्टेशन के पास हुआ। राहत की बात यह रही कि डिरेल हुआ वैगन मालगाड़ी के पिछले हिस्से में था, जिससे किसी बड़े हादसे की आशंका टल गई।
घटना की सूचना मिलते ही रेलवे प्रशासन में हड़कंप मच गया। मौके पर रेल अधिकारी और तकनीकी टीम पहुंची और स्थिति को नियंत्रित करने का कार्य शुरू किया गया। डिरेल हुए टैंक वैगन को मालगाड़ी से अलग कर दिया गया, जिसके बाद बाकी वैगनों के साथ मालगाड़ी को आगे के लिए रवाना कर दिया गया ताकि रेल परिचालन अधिक प्रभावित न हो।
रेलवे अधिकारियों के अनुसार, हादसे में किसी के हताहत होने की कोई सूचना नहीं है। प्रारंभिक जांच में टैंक वैगन के पहिये में तकनीकी खराबी सामने आई है, जिसे दुर्घटना का संभावित कारण माना जा रहा है। मंडल के पीआरओ आरके सिंह ने बताया कि वैगन में आई तकनीकी गड़बड़ी को दुरुस्त करने का काम तुरंत शुरू कर दिया गया था।
रेलवे की ओर से क्रेन और अन्य भारी उपकरणों की मदद से डिरेल हुए वैगन को ट्रैक पर वापस लाने का कार्य किया गया। फिलहाल मरम्मत का काम जारी है और हादसे के कारणों की विस्तृत जांच की जा रही है। रेल प्रशासन ने कहा है कि जांच पूरी होने के बाद ही घटना के वास्तविक कारणों का पता चल सकेगा।
लगातार हो रही ऐसी घटनाओं ने रेलवे की तकनीकी निगरानी और रखरखाव व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। इससे पहले पूर्वी रेलवे के आसनसोल मंडल के अंतर्गत लाहाबोन और सिमुलतला रेलवे स्टेशन के बीच हुई दुर्घटना की जांच भी अब तक जारी है।
गौरतलब है कि करीब एक सप्ताह पहले बिहार के जमुई जिले के सिमुलतला इलाके में भी एक मालगाड़ी के आठ डिब्बे पटरी से उतर गए थे, जिससे हावड़ा–पटना रेल मार्ग पर रेल सेवाएं लंबे समय तक बाधित रही थीं। लगातार सामने आ रही इन घटनाओं के बाद यह देखना अहम होगा कि रेल प्रशासन सुरक्षा मानकों को लेकर क्या ठोस कदम उठाता है और भविष्य में ऐसे हादसों को रोकने के लिए किस तरह की व्यवस्था लागू करता है।


