पटना। बिहार के पूर्व उपमुख्यमंत्री और भारतीय जनता पार्टी के वरिष्ठ नेता रहे सुशील कुमार मोदी की आज 73वीं जयंती पूरे राजकीय सम्मान के साथ मनाई गई। इस अवसर पर राजधानी पटना में कई कार्यक्रम आयोजित किए गए। राजेंद्र नगर पार्क में उनकी आदमकद प्रतिमा का अनावरण किया गया, वहीं श्रीकृष्ण मेमोरियल हॉल में स्मृति समारोह का आयोजन हुआ।
जेसी जॉर्ज का बड़ा बयान
श्रीकृष्ण मेमोरियल हॉल में सुशील कुमार मोदी स्मृति शोध संस्थान की ओर से आयोजित कार्यक्रम को संबोधित करते हुए उनकी पत्नी जेसी जॉर्ज मोदी ने बिहार के विकास में सुशील मोदी की भूमिका को रेखांकित किया।
उन्होंने कहा कि नीतीश कुमार और सुशील मोदी की जोड़ी ने बिहार को विकास की राह पर आगे बढ़ाया। जेसी जॉर्ज ने यह भी दावा किया कि वर्ष 2017 में नीतीश कुमार का दोबारा भाजपा के साथ आना सुशील मोदी की राजनीतिक रणनीति और दबाव का नतीजा था।
“नीतीश जी का विजन और सुशील जी के आइडियाज मिलकर बिहार को नई दिशा देने का काम किया। जब नीतीश जी विपक्षी खेमे में गए, तब सुशील जी और ज्यादा सक्रिय हो गए। उन्होंने समस्याओं को इतने प्रभावी ढंग से उजागर किया कि नीतीश कुमार को फिर भाजपा के साथ सरकार बनानी पड़ी।”
— जेसी जॉर्ज मोदी
सम्राट चौधरी बोले— विपक्ष में रहकर भी सरकार की नींद उड़ाते थे
उपमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने कहा कि सुशील मोदी और नीतीश कुमार ने लंबे समय तक साथ काम किया, लेकिन जब गठबंधन टूटा तो सुशील मोदी ने संघर्ष का रास्ता भी दिखाया।
उन्होंने कहा कि नेता प्रतिपक्ष के रूप में सुशील मोदी सरकार की नीतियों पर तीखा प्रहार करते थे और उनका वित्तीय प्रबंधन अभूतपूर्व था। उन्होंने भाजपा कार्यकर्ताओं से सुशील मोदी के बिहार विकास के सपने को साकार करने का आह्वान किया।
भाजपा को सर्वसमाज की पार्टी बनाने में अहम भूमिका
पूर्व विधानसभा अध्यक्ष नंदकिशोर यादव ने कहा कि भाजपा को सर्वसमाज की पार्टी बनाने में सुशील मोदी का सबसे बड़ा योगदान रहा है।
उन्होंने कहा कि पार्टी और प्रदेश दोनों के लिए उनका योगदान अविस्मरणीय है।
निष्ठा, निर्भीकता और ईमानदारी की मिसाल
भाजपा प्रदेश अध्यक्ष संजय सरावगी ने कहा कि सुशील मोदी ने आरएसएस स्वयंसेवक के रूप में जीवन यात्रा शुरू की और संगठन निर्माण में अहम भूमिका निभाई।
उन्होंने कहा कि सुशील मोदी पर अपने पूरे राजनीतिक जीवन में कभी भ्रष्टाचार का आरोप नहीं लगा। चारा घोटाले का खुलासा उनकी निर्भीकता का बड़ा उदाहरण है।
“अगर आज हम सत्ता में हैं तो उसमें सुशील मोदी की बड़ी भूमिका है। उनकी ईमानदारी और सेवा भाव आज भी हम सबको प्रेरित करता है।”
— संजय सरावगी
मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने दी श्रद्धांजलि
सुशील मोदी की जयंती को राजकीय समारोह के रूप में मनाया गया। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने श्रीकृष्ण मेमोरियल हॉल पहुंचकर उनके तैलीय चित्र पर पुष्प अर्पित किए।
इससे पहले उन्होंने राजेंद्र नगर स्थित सुशील मोदी स्मृति पार्क में उनकी प्रतिमा का अनावरण कर श्रद्धांजलि दी।
इस अवसर पर उपमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी, विधानसभा अध्यक्ष डॉ. प्रेम कुमार, विधान परिषद के सभापति अवधेश नारायण सिंह, मंत्री विजय चौधरी सहित कई मंत्री, विधायक और वरिष्ठ नेता मौजूद रहे।
निःशुल्क नेत्र जांच शिविर का आयोजन
जयंती के अवसर पर मां वैष्णो देवी सेवा समिति और मां ब्लड सेंटर की ओर से निःशुल्क नेत्र जांच एवं चश्मा वितरण शिविर लगाया गया। इसमें 65 जरूरतमंदों को मुफ्त चश्मे वितरित किए गए।
कौन थे सुशील कुमार मोदी
सुशील कुमार मोदी का जन्म 5 जनवरी 1952 को पटना में हुआ था। वे विधायक, सांसद और भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष समेत चारों सदनों के सदस्य रहे। लंबे समय तक बिहार के उपमुख्यमंत्री और नेता प्रतिपक्ष के रूप में उन्होंने अहम भूमिका निभाई।
13 मई 2024 को कैंसर के कारण उनका निधन हो गया। वर्ष 2025 में उन्हें मरणोपरांत पद्म भूषण से सम्मानित किया गया।


