पटना में छात्र से मारपीट का वायरल वीडियो: पुलिसकर्मी होने का दावा निकला फर्जी, दो आरोपी गिरफ्तार

पटना: सोशल मीडिया पर पटना के एक थाने से जुड़ा बताकर वायरल हो रहा युवक के साथ मारपीट का वीडियो सामने आने के बाद पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया था। वीडियो में एक युवक को थप्पड़ मारते, धमकाते और अभद्र भाषा का इस्तेमाल करते हुए दिखाया गया था, जिसके बाद पुलिस विभाग ने तत्काल जांच के आदेश दिए थे। अब इस मामले में पटना पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए दो आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है।

वायरल वीडियो में क्या दिखा

सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे वीडियो में एक कथित पुलिसकर्मी युवक को थप्पड़ मारते हुए कहता नजर आ रहा था,
हाथ में चोट लगा तो और मारेंगे… कहां रहता है रे… बोरिंग रोड में? सम्राट चौधरी के यहां रहता है रे… वैसे हम बीजेपी एंटी हैं…
इस वीडियो के सामने आते ही लोगों में आक्रोश फैल गया और पुलिस की भूमिका पर गंभीर सवाल उठने लगे।

त्वरित जांच के बाद हुआ बड़ा खुलासा

मामले की गंभीरता को देखते हुए वरीय पुलिस अधिकारियों ने तुरंत जांच शुरू कराई। जांच के दौरान यह स्पष्ट हुआ कि वायरल वीडियो में दिख रहे लोग पुलिसकर्मी नहीं, बल्कि निजी व्यक्ति हैं। वीडियो में दिखाई दे रहा व्यक्ति खाकी रंग का पैंट पहने हुए था, जिससे लोगों को भ्रम हुआ कि वह पुलिस से जुड़ा हो सकता है।

दो आरोपी गिरफ्तार

पटना पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए वीडियो में मारपीट करने वाले दोनों युवकों को गिरफ्तार कर लिया है। इस संबंध में पटना ईस्ट के एसपी परिचय कुमार ने जानकारी देते हुए बताया कि गिरफ्तार आरोपियों की पहचान—

  • राशीद इकबाल, निवासी पीरबहोर थाना क्षेत्र
  • गोरख गिरी, निवासी मीठापुर बस स्टैंड क्षेत्र

के रूप में हुई है।

31 दिसंबर की घटना, विशाल मेगा मार्ट में हुई मारपीट

पुलिस जांच में सामने आया कि यह पूरी घटना 31 दिसंबर को पटना के कंकड़बाग स्थित विशाल मेगा मार्ट के अंदर हुई थी। आरोप है कि एक युवक कपड़ा चोरी कर बाहर ले जाने की कोशिश कर रहा था, इसी दौरान उसे पकड़ लिया गया और दोनों आरोपियों ने उसके साथ बेरहमी से मारपीट की।

आरोपी विशाल मेगा मार्ट में करते थे काम

सिटी एसपी ने बताया कि—

  • पहला आरोपी राशीद इकबाल पहले विशाल मेगा मार्ट में फ्लोर मैनेजर के पद पर कार्यरत था, लेकिन बाद में किसी कारणवश उसे वहां से हटा दिया गया था। इसके बावजूद वह आउटसोर्स सप्लायर के तौर पर काम कर रहा था।
  • दूसरा आरोपी गोरख गिरी विशाल मेगा मार्ट में साफ-सफाई कर्मी के रूप में कार्यरत था।

दोनों ने ही स्टोर परिसर के भीतर युवक के साथ मारपीट की थी।

पुलिसकर्मी होने का दावा पूरी तरह गलत

एसपी परिचय कुमार ने स्पष्ट किया कि वायरल वीडियो में कोई भी पुलिसकर्मी मौजूद नहीं था। वीडियो में दिख रहा व्यक्ति बिहार पुलिस या पटना पुलिस से किसी भी तरह से संबंधित नहीं है। केवल खाकी रंग की पैंट पहनने के कारण लोगों को गलतफहमी हुई।

मामला दर्ज, जांच जारी

इस मामले में कंकड़बाग थाने में केस दर्ज कर लिया गया है और आगे की कानूनी कार्रवाई की जा रही है। वहीं वीडियो में डिप्टी सीएम सम्राट चौधरी का नाम लेने के सवाल पर पुलिस ने कहा कि इस संबंध में फिलहाल कोई ठोस तथ्य सामने नहीं आया है और इसकी भी जांच की जा रही है।

सोशल मीडिया पर उठे थे सवाल

वीडियो वायरल होने के बाद सोशल मीडिया पर पुलिस की कार्यप्रणाली को लेकर तीखी प्रतिक्रियाएं देखने को मिली थीं। हालांकि जांच के बाद यह साफ हो गया कि मामला पुलिस उत्पीड़न का नहीं, बल्कि निजी व्यक्तियों द्वारा की गई हिंसा का है।

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