लालू परिवार की मुश्किलें बढ़ सकती हैं, कौटिल्य नगर जमीन आवंटन की जांच की मांग

पटना। पहले से ही कई मामलों में कानूनी घेराबंदी झेल रहे लालू प्रसाद यादव, राबड़ी देवी, तेजस्वी यादव और उनके परिजनों के लिए नए साल की शुरुआत नई परेशानी का संकेत दे रही है। सामाजिक कार्यकर्ता गुड्डू बाबा ने पटना के कौटिल्य नगर में लीज पर दी गई जमीन के आवंटन की जांच की मांग करते हुए बिहार के डिप्टी सीएम विजय कुमार सिन्हा को पत्र लिखा है।

10 सर्कुलर रोड से कौटिल्य नगर शिफ्ट होने की तैयारी

सूत्रों के अनुसार लालू परिवार 10 सर्कुलर रोड स्थित आवास से कौटिल्य नगर स्थित आवास में शिफ्ट होने की तैयारी कर रहा है। गौर करने वाली बात यह है कि कौटिल्य नगर में कई अन्य नेताओं को भी लीज पर जमीन आवंटित की गई है, जिसे लेकर अब सवाल उठने लगे हैं।


वेटनरी कॉलेज की जमीन पर नियमों के उल्लंघन का आरोप

गुड्डू बाबा ने एक न्यूज चैनल से बातचीत में पुष्टि की कि उन्होंने इस संबंध में डिप्टी सीएम को पत्र लिखा है। उनका आरोप है कि

  • कौटिल्य नगर की जमीन मूल रूप से वेटनरी कॉलेज की है
  • वर्ष 1986 में एक को-ऑपरेटिव सोसायटी बनाकर करीब 20 एकड़ जमीन विधायकों और सांसदों को 30 साल की लीज पर दे दी गई
  • कई नेताओं ने वहां मकान बना लिए, लेकिन लीज की शर्तों का पालन नहीं किया गया

सरकारी आवास और व्यावसायिक उपयोग पर रोक के बावजूद उल्लंघन

गुड्डू बाबा के अनुसार लीज की शर्तों में साफ था कि

  • लीजधारी सरकारी आवास का उपयोग नहीं करेंगे
  • जमीन बेची, हस्तांतरित या व्यावसायिक उपयोग में नहीं लाई जाएगी

इसके बावजूद इन शर्तों का खुलेआम उल्लंघन हुआ। उन्होंने बताया कि कौटिल्य नगर की जमीन पर अतिक्रमण हटाने को लेकर वर्ष 2016 से हाईकोर्ट में मामला लंबित है।


2016 में खत्म हो चुकी है लीज

उन्होंने दावा किया कि

  • 30 साल की लीज 2016 में समाप्त हो चुकी है
  • लीज नवीनीकरण की फाइल आगे बढ़ाई गई थी
  • लेकिन मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने इसे मंजूरी नहीं दी

गुड्डू बाबा का कहना है कि मुख्यमंत्री को इस जमीन से जुड़े तथ्यों की जानकारी है, इसलिए लीज का विस्तार नहीं किया गया।


“यह एक बड़ा लैंड स्कैम है”

गुड्डू बाबा ने आरोप लगाया कि यह जमीन पहले पटना यूनिवर्सिटी के लिए अधिग्रहित की गई थी, जिसे बाद में वेटनरी कॉलेज को सौंपा गया, लेकिन अंततः नेताओं के बीच बांट दी गई। उन्होंने इसे बड़ा लैंड स्कैम करार दिया।

हालांकि उन्होंने यह भी स्वीकार किया कि इस मामले में कार्रवाई आसान नहीं होगी, क्योंकि इसमें कई बड़े और प्रभावशाली नेताओं के हित जुड़े हैं।


अब डिप्टी सीएम पर टिकी नजर

अब सबकी नजर डिप्टी सीएम विजय कुमार सिन्हा पर है कि वे इस शिकायत पर क्या कदम उठाते हैं और क्या कौटिल्य नगर जमीन आवंटन मामले की औपचारिक जांच शुरू होती है या नहीं।


 

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