नई दिल्ली। लैंड फॉर जॉब केस और आईआरसीटीसी टेंडर घोटाला मामले में राष्ट्रीय जनता दल (राजद) सुप्रीमो और बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री लालू प्रसाद यादव को आंशिक राहत मिली है। दिल्ली हाईकोर्ट ने उनकी याचिका पर सुनवाई करते हुए सीबीआई को नोटिस जारी कर जवाब मांगा है। अब इस मामले की अगली सुनवाई 14 जनवरी को होगी।
यह सुनवाई न्यायमूर्ति स्वर्ण कांत शर्मा की एकल पीठ में हुई। लालू प्रसाद यादव ने निचली अदालत के उस आदेश को चुनौती दी है, जिसमें उनके और उनके परिवार के सदस्यों के खिलाफ आरोप तय किए गए थे।
क्या है मामला?
अक्टूबर 2025 में राउज एवेन्यू कोर्ट के विशेष न्यायाधीश विशाल गोगने ने लालू प्रसाद यादव, उनकी पत्नी राबड़ी देवी, बेटे तेजस्वी यादव और परिवार के अन्य सदस्यों के खिलाफ आरोप तय किए थे।
IRCTC टेंडर घोटाला
आरोप है कि रेल मंत्री रहते हुए लालू प्रसाद यादव ने
- IRCTC से जुड़े जमीन और होटल टेंडर में
- नियमों की अनदेखी कर
- निजी कंपनियों को अनुचित लाभ पहुंचाया
अदालत ने माना था कि निर्णय प्रक्रिया में लालू यादव की सक्रिय भूमिका रही।
लैंड फॉर जॉब केस
इस मामले में आरोप है कि
- रेलवे के ग्रुप-डी पदों पर नौकरी देने के बदले
- लाभार्थियों से लालू यादव और उनके परिजनों के नाम
- जमीन और फ्लैट की रजिस्ट्री कराई गई
इस केस की भी जांच सीबीआई कर रही है, जबकि प्रवर्तन निदेशालय (ED) मनी लॉन्ड्रिंग के एंगल से जांच में जुटी है।
कौन-कौन आरोपी?
इन दोनों मामलों में
- लालू प्रसाद यादव
- राबड़ी देवी
- तेजस्वी यादव
- और लालू प्रसाद की कुछ बेटियों
को आरोपी बनाया गया है।
आरोपों में आपराधिक साजिश, धोखाधड़ी और सरकारी प्रक्रिया के दुरुपयोग जैसी गंभीर धाराएँ शामिल हैं।
हाईकोर्ट में क्या हुआ?
दिल्ली हाईकोर्ट ने फिलहाल
- निचली अदालत के आदेश पर रोक नहीं लगाई है
- लेकिन सीबीआई से जवाब तलब कर लिया है
कानूनी जानकारों के अनुसार, 14 जनवरी की सुनवाई से यह स्पष्ट होगा कि
- आरोप तय करने का आदेश बरकरार रहेगा या
- उसमें किसी प्रकार का हस्तक्षेप किया जाएगा।
यह मामला न सिर्फ कानूनी बल्कि राजनीतिक रूप से भी बेहद संवेदनशील माना जा रहा है। आने वाली सुनवाई पर पूरे देश की नजरें टिकी हैं।


