गयाजी। बिहार के गयाजी में नए साल 2026 के साथ मेट्रो निर्माण कार्य तेज गति से आगे बढ़ने की तैयारी है। पहले चरण का सर्वे पूरा हो चुका है और मेट्रो के रूट लगभग फाइनल कर लिए गए हैं। प्रस्तावित योजना के अनुसार गयाजी में मेट्रो के दो प्रमुख कॉरिडोर होंगे, जो शहर के बड़े और महत्वपूर्ण इलाकों को आपस में जोड़ेंगे।
36 किलोमीटर लंबा होगा मेट्रो प्रोजेक्ट
पहले चरण में गयाजी मेट्रो प्रोजेक्ट के तहत कुल 36 किलोमीटर तक मेट्रो चलाई जाएगी। इसमें पहला नॉर्थ-साउथ कॉरिडोर 22.60 किलोमीटर लंबा होगा, जबकि दूसरा ईस्ट-वेस्ट कॉरिडोर 13.48 किलोमीटर का प्रस्तावित है।
दो प्रमुख धार्मिक स्थलों को जोड़ेगी मेट्रो
इस मेट्रो परियोजना की खास बात यह है कि इससे बिहार के दो विश्व प्रसिद्ध धार्मिक स्थल सीधे तौर पर जुड़ेंगे। मेट्रो की शुरुआत आईआईएम बोधगया से होगी और यह दोमुहान तक पहुंचेगी। यहां से महाबोधि मंदिर की दूरी लगभग 1.5 किलोमीटर है, जहां ऑटो और ई-रिक्शा की सुविधा पहले से मौजूद है।
नॉर्थ-साउथ कॉरिडोर का रूट
दोमुहान से आगे मेट्रो टेकूना फार्म मोड़, गया एयरपोर्ट और डोभी-गया रोड स्थित पहाड़पुर मोड़ तक जाएगी। पहाड़पुर मोड़ को इंटरचेंज स्टेशन के रूप में विकसित किया जाएगा। यहां से नॉर्थ-साउथ कॉरिडोर सिकरिया मोड़ होते हुए शहर के अंदर प्रवेश करेगा।
इस कॉरिडोर पर गया कॉलेज, गांधी मैदान, जयप्रकाश झरना, रेलवे कॉलोनी, रेलवे सिनेमा, गया रेलवे स्टेशन, बागेश्वरी कॉलोनी, छोटकी नवादा, कंडी होते हुए सन सिटी चालाकंद तक मेट्रो चलाने का प्रस्ताव है। इस कॉरिडोर को भविष्य में बेलागंज तक बढ़ाने की मांग भी सामने आई है।
विष्णुपद मंदिर से भी जुड़ेगा मेट्रो नेटवर्क
पहाड़पुर इंटरचेंज स्टेशन से ईस्ट-वेस्ट कॉरिडोर शुरू होगा, जो बिपार्ड, बाईपास होते हुए मानपुर के लखनपुर तक जाएगा। इसी रूट पर बाईपास के पास विष्णुपद मंदिर कॉरिडोर को मेट्रो से जोड़ा जाएगा। इससे पितृपक्ष मेला सहित अन्य अवसरों पर श्रद्धालुओं को बड़ी सुविधा मिलेगी। बाईपास मेट्रो स्टेशन से मंदिर तक पैदल मार्ग विकसित किए जाने की भी संभावना है।
कुल 28 मेट्रो स्टेशन प्रस्तावित
नॉर्थ-साउथ कॉरिडोर पर कुल 18 मेट्रो स्टेशन प्रस्तावित हैं, जिनमें इंटरचेंज स्टेशन भी शामिल होगा। वहीं ईस्ट-वेस्ट कॉरिडोर पर 10 मेट्रो स्टेशन बनाए जाने की योजना है। दोनों कॉरिडोर को मिलाकर कुल 28 स्टेशन होंगे।
सर्विस स्टेशन का भी प्रस्ताव
कॉरिडोर-1 में आईआईएम बोधगया के पास करीब 28 हेक्टेयर भूमि पर सर्विस स्टेशन बनाने का प्रस्ताव है। वहीं कॉरिडोर-2 के अंतिम स्टेशन लखनपुर पर लगभग 12 हेक्टेयर में एक अन्य सर्विस स्टेशन विकसित किया जाएगा।
सर्वे रिपोर्ट सौंप चुकी है राइट्स
मेट्रो रूट का सर्वे रेलवे की एजेंसी राइट्स द्वारा जिला प्रशासन के सहयोग से किया गया था। सर्वे के बाद जनप्रतिनिधियों और आम लोगों से मिले सुझावों के आधार पर फिजिबिलिटी रिपोर्ट, मोबिलिटी प्लान और ऑल्टरनेटिव एनालिसिस रिपोर्ट नगर विकास विभाग को सौंप दी गई है। हालांकि, अंतिम स्वीकृति अभी बाकी है।
जिला पदाधिकारी शशांक शुभंकर ने बताया,
“सर्वे का कार्य पिछले साल ही पूरा हो चुका है। राइट्स द्वारा सभी जरूरी रिपोर्ट नगर विकास विभाग को सौंप दी गई है। आगे की प्रक्रिया को लेकर संबंधित स्तर पर समीक्षा की जाएगी।”
गयाजी के विकास को मिलेगी नई गति
गयाजी मेट्रो परियोजना के शुरू होने से शहर की यातायात व्यवस्था में बड़ा सुधार आने की उम्मीद है। साथ ही पर्यटन, रोजगार और शहरी विकास को भी नई गति मिलेगी।


