पटना। बिहार की राजधानी में अपराधियों के हौसले इस कदर बुलंद होते जा रहे हैं कि अब उन्हें पुलिस और प्रशासन का कोई भय नहीं रह गया है। नए साल की शुरुआत एक इंजीनियरिंग छात्र के लिए भयावह साबित हुई, जब पटना के सबसे सुरक्षित माने जाने वाले हाई‑सिक्योरिटी जोन, डीएम आवास से महज कुछ कदम की दूरी पर, उस पर जानलेवा हमला किया गया।
गांधी मैदान इलाके में 10 मिनट तक मचता रहा तांडव
घटना गांधी मैदान थाना क्षेत्र की है, जहां 24 घंटे पुलिस गश्त और सीसीटीवी निगरानी के दावे किए जाते हैं। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, स्कॉर्पियो समेत कई गाड़ियों में सवार 15–20 बदमाश मौके पर पहुंचे और एक छात्र को करीब 10 मिनट तक हॉकी स्टिक, रॉड और पिस्टल की बट से बेरहमी से पीटते रहे। हैरानी की बात यह रही कि इतनी देर तक चली वारदात के दौरान कोई पुलिस गश्ती वाहन मौके पर नहीं पहुंचा।
बाइक रोककर छात्र पर किया हमला
पीड़ित छात्र की पहचान निवेदन कुमार, निवासी समस्तीपुर के रूप में हुई है, जो पटना के मुसल्लहपुर इलाके में रहकर इंजीनियरिंग की पढ़ाई कर रहा है। 1 जनवरी की देर रात वह अपने दो दोस्तों के साथ बाइक से शहर घूम रहा था। जैसे ही वे गांधी म्यूजियम के पास पहुंचे, बदमाशों ने उनकी बाइक रोक ली और बिना किसी कारण हमला शुरू कर दिया।

बेरहमी से पिटाई, नकदी भी लूटी
बदमाशों ने निवेदन कुमार को बुरी तरह पीटा, जिससे उसका सिर फट गया और वह गंभीर रूप से घायल हो गया। जान बचाने के लिए उसके दोनों दोस्त मौके से भाग गए। पिटाई के बाद बदमाश छात्र की जेब से 10 से 12 हजार रुपये नकद लूटकर फरार हो गए।
पीएमसीएच में कराया गया इलाज
घटना के बाद पीड़ित के दोस्त वापस लौटे और पुलिस को सूचना दी। घायल छात्र को तुरंत पीएमसीएच में भर्ती कराया गया, जहां उसका इलाज चल रहा है। पीड़ित ने गांधी मैदान थाना में लिखित शिकायत दर्ज कराई है और मेडिकल रिपोर्ट भी पुलिस को सौंपी है।
वीआईपी इलाके में अपराध, पुलिस व्यवस्था पर सवाल
हाई‑सिक्योरिटी जोन में इस तरह खुलेआम पिटाई और लूट की घटना ने पुलिस की गश्ती व्यवस्था और खुफिया तंत्र पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। विशेषज्ञों का कहना है कि यदि शहर के सबसे सुरक्षित इलाके में छात्र सुरक्षित नहीं हैं, तो आम नागरिकों की सुरक्षा को लेकर चिंता स्वाभाविक है।


