बिहार बन रहा है फिल्मों और वेब सीरीज की नई शूटिंग हब, 37 प्रोजेक्ट्स को मिली आधिकारिक मंजूरी

पटना। बिहार अब फिल्मों और वेब सीरीज की शूटिंग के लिए तेजी से पसंदीदा राज्य बनता जा रहा है। राज्य सरकार की फिल्म प्रोत्साहन नीति का असर साफ तौर पर दिखने लगा है। इसी के तहत अब तक 37 फिल्मों और वेब सीरीज की शूटिंग को आधिकारिक अनुमति दी जा चुकी है। इनमें फीचर फिल्में, ओटीटी वेब सीरीज, डॉक्यूमेंट्री और शॉर्ट फिल्में शामिल हैं।

फिल्म नीति से बदली बिहार की तस्वीर

बिहार सरकार की फिल्म प्रोत्साहन नीति के तहत फिल्ममेकर्स को कई तरह की सुविधाएं दी जा रही हैं। शूटिंग की अनुमति के लिए सिंगल विंडो सिस्टम लागू किया गया है, जिससे प्रक्रिया सरल और तेज हो गई है। साथ ही, स्थानीय कलाकारों और तकनीकी कर्मियों को प्राथमिकता देने का प्रावधान भी किया गया है।

शूटिंग के लिए पहली पसंद बन रहे ये जिले

इन्हीं सुविधाओं की वजह से अब निर्माता बिहार को किफायती और अनुकूल शूटिंग डेस्टिनेशन मानने लगे हैं।
पटना, गया, राजगीर, नालंदा, वैशाली, मुंगेर, बक्सर और मधुबनी जैसे जिले फिल्ममेकर्स की पहली पसंद बनते जा रहे हैं। ऐतिहासिक धरोहर, गंगा घाट, ग्रामीण परिवेश और सांस्कृतिक विविधता बिहार को शूटिंग के लिए खास बनाती है।

स्थानीय युवाओं को मिलेगा रोजगार

फिल्मों और वेब सीरीज की शूटिंग से बिहार के स्थानीय कलाकारों, जूनियर आर्टिस्ट और तकनीकी कर्मियों के लिए रोजगार के नए अवसर खुल रहे हैं।
कैमरा, लाइट, साउंड, मेकअप और प्रोडक्शन से जुड़े लोगों के साथ-साथ होटल, ट्रांसपोर्ट और खान-पान के व्यवसाय को भी सीधा लाभ मिलने की संभावना है।

ओटीटी प्लेटफॉर्म पर बढ़ा बिहार का क्रेज

डिजिटल प्लेटफॉर्म के विस्तार के साथ ओटीटी की लोकप्रियता तेजी से बढ़ी है। ओटीटी कंपनियां अब रियल लोकेशन और स्थानीय कहानियों पर ज्यादा ध्यान दे रही हैं। बिहार की सामाजिक संरचना, ग्रामीण जीवन और सांस्कृतिक पृष्ठभूमि वेब सीरीज के लिए बेहद उपयुक्त मानी जा रही है। इसी वजह से बड़ी संख्या में वेब सीरीज की शूटिंग बिहार में प्रस्तावित है।

ग्रामीण परिवेश की कहानियों को मिल रहा मंच

वरिष्ठ फिल्म समीक्षक विनोद अनुपम का कहना है कि—

“पहले फिल्में महानगरों को ध्यान में रखकर बनाई जाती थीं, लेकिन अब दर्शकों की पसंद बदली है। लोग ग्रामीण और स्थानीय परिवेश पर आधारित कहानियों को ज्यादा पसंद कर रहे हैं। यही वजह है कि ओटीटी पर ‘महारानी’ और ‘रंगदार’ जैसी सीरीज सफल हुईं और अब निर्माता-निर्देशक बिहार की ओर रुख कर रहे हैं।”

बेहतर इंफ्रास्ट्रक्चर से बढ़ी सुविधा

विनोद अनुपम के मुताबिक, बिहार में आधारभूत संरचना में काफी सुधार हुआ है। सड़क और रेल कनेक्टिविटी बेहतर हुई है। पहले पटना के अलावा अन्य जिलों तक पहुंचना मुश्किल था, लेकिन अब दरभंगा और पूर्णिया में एयरपोर्ट शुरू होने से फिल्म इंडस्ट्री से जुड़े लोगों को काफी सहूलियत मिल रही है।

पूर्णिया में फाइव स्टार होटल भी बना आकर्षण

पूर्णिया जैसे जिले में फाइव स्टार होटल की उपलब्धता से शूटिंग यूनिट्स को ठहरने और काम करने में आसानी हो रही है। यही कारण है कि ओटीटी, वेब सीरीज और फिल्म निर्माता बिहार को अपनी शूटिंग लोकेशन के तौर पर चुन रहे हैं।

आने वाले समय में और बढ़ेगी संख्या

फिल्म समीक्षक विनोद अनुपम का मानना है कि आने वाले समय में फिल्मों और वेब सीरीज की संख्या और बढ़ सकती है। कई प्रोजेक्ट्स अभी प्री-प्रोडक्शन स्टेज में हैं। शूटिंग गतिविधियों के बढ़ने से बिहार की सकारात्मक छवि देश-दुनिया में जाएगी और पर्यटन को भी बढ़ावा मिलेगा।

“कुल मिलाकर 37 फिल्मों और वेब सीरीज को मिली मंजूरी यह संकेत है कि बिहार अब फिल्म इंडस्ट्री के नए नक्शे पर मजबूती से अपनी जगह बना रहा है।”
विनोद अनुपम, फिल्म समीक्षक


 

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