UFBU के आह्वान पर देशव्यापी आंदोलन तेज, पटना में 800 से अधिक बैंककर्मी सड़कों पर उतरे
पटना: पाँच दिवसीय कार्य सप्ताह की माँग को लेकर बैंककर्मियों का देशव्यापी आंदोलन लगातार तेज़ होता जा रहा है। यूनाइटेड फोरम ऑफ बैंक यूनियन्स (UFBU) के आह्वान पर मंगलवार को राजधानी पटना सहित देश के सभी प्रमुख शहरों, जिलों और केंद्रों में एक साथ विरोध प्रदर्शन आयोजित किए गए। इसी क्रम में पटना में भारतीय स्टेट बैंक की मुख्य शाखा, पश्चिमी गाँधी मैदान के समीप संध्या 5:30 बजे भव्य प्रदर्शन किया गया, जिसमें 800 से अधिक बैंककर्मियों ने भाग लिया।
यह प्रदर्शन आगामी अखिल भारतीय बैंक हड़ताल के मद्देनज़र चल रहे चरणबद्ध आंदोलन कार्यक्रम का हिस्सा था। उल्लेखनीय है कि इससे पूर्व 23 दिसम्बर 2025 को भी देश की सभी राजधानियों में इसी माँग को लेकर प्रदर्शन किया गया था, जिसमें पटना में लगभग 500 बैंककर्मियों ने सहभागिता की थी।
आंदोलन के विभिन्न चरण पहले ही हो चुके हैं
ऑल इंडिया बैंक ऑफिसर्स कॉन्फेडरेशन (AIBOC) के सचिव अमरेश विक्रमादित्य ने जानकारी देते हुए बताया कि UFBU द्वारा इस आंदोलन के तहत कई कार्यक्रम पहले ही सफलतापूर्वक आयोजित किए जा चुके हैं। इनमें 9 और 12 दिसम्बर को देशभर के बैंककर्मियों द्वारा माननीय वित्त मंत्री एवं इंडियन बैंकर्स एसोसिएशन (IBA) के अध्यक्ष को ज्ञापन भेजना, 16 दिसम्बर को बैज पहनकर विरोध दर्ज कराना तथा संगोष्ठी एवं कार्यशालाओं का आयोजन शामिल है।
उन्होंने बताया कि आंदोलन की अगली कड़ी में 4 जनवरी 2026 को देशव्यापी ‘एक्स (पूर्व ट्विटर) अभियान’ चलाया जाएगा। इसके बाद 5 जनवरी 2026 को देश की सभी राजधानियों में धरना प्रदर्शन आयोजित होगा और अंततः जनवरी 2026 के तीसरे सप्ताह में राष्ट्रव्यापी बैंक हड़ताल का आह्वान किया गया है।
लिखित समझौते के बावजूद लागू नहीं हुआ फैसला
प्रदर्शन में UFBU से जुड़े सभी घटक संगठनों — AIBEA, AIBOC, NCBE, AIBOA, BEFI, INBEF, INBOC, NOBW एवं NOBO — के वरिष्ठ पदाधिकारी एवं बड़ी संख्या में सदस्य मौजूद रहे। सभी ने एक स्वर में पाँच दिवसीय कार्य सप्ताह की माँग को मजबूती से उठाया।
नेतृत्वकर्ताओं ने ज़ोर देकर कहा कि 8 मार्च 2024 को सरकार की सहमति से IBA और UFBU के बीच पाँच दिवसीय कार्य सप्ताह को लागू करने का निर्णय लिखित रूप में हो चुका है। इसके बावजूद 22 महीने बीत जाने के बाद भी इस निर्णय को लागू न किया जाना सरकार की दोहरी नीति और वादा-खिलाफी को दर्शाता है।
बढ़ता कार्यदबाव और बिगड़ता कार्य-जीवन संतुलन
बैंककर्मियों ने कहा कि बढ़ते कार्यदबाव, लंबे कार्य घंटे और पारिवारिक जीवन के लिए समय न मिल पाने के कारण कर्मचारियों में निराशा, तनाव और अवसाद बढ़ रहा है। इन्हीं परिस्थितियों को देखते हुए पाँच दिवसीय कार्य सप्ताह की माँग को स्वीकार किया गया था, लेकिन अब जानबूझकर इसे टालना बैंककर्मियों के साथ अन्याय है।
UFBU नेताओं ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि बैंककर्मियों के साथ हो रहे इस अन्याय को किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा और यदि सरकार ने शीघ्र निर्णय लागू नहीं किया, तो आंदोलन और अधिक उग्र रूप लेगा।
सरकार से जल्द निर्णय लेने की अपील
प्रदर्शन के दौरान 800 से अधिक बैंककर्मियों ने सरकार की अनदेखी के खिलाफ नारेबाजी करते हुए पाँच दिवसीय कार्य सप्ताह को तुरंत लागू करने की माँग की। सभी ने सरकार से अपने किए गए वादे को निभाने और बैंककर्मियों के हित में शीघ्र सकारात्मक निर्णय लेने की अपील की।


