केंद्र सरकार द्वारा मनरेगा का नाम बदलकर ‘जी राम जी’ किए जाने के फैसले पर देश की राजनीति गरमा गई है। इस फैसले के खिलाफ कांग्रेस ने 5 जनवरी से ‘मनरेगा बचाओ अभियान’ शुरू करने का ऐलान किया है। इसी बीच केंद्रीय मंत्री और हम पार्टी के संरक्षक जीतन राम मांझी ने कांग्रेस सांसद राहुल गांधी पर झूठ फैलाने का आरोप लगाया है।
“राहुल गांधी गलत, MGNREGA का स्वरूप नहीं बदला” – जीतन राम मांझी
केंद्रीय मंत्री जीतन राम मांझी ने राहुल गांधी के बयान को सिरे से खारिज करते हुए कहा,
“राहुल गांधी का कहना पूरी तरह गलत है। MGNREGA का स्वरूप बदला नहीं गया है। 100 दिन की रोजगार गारंटी को बढ़ाकर 125 दिन किया गया है, जो गरीबों के हित में है। यह योजना पहले से ज्यादा मजबूत होगी।”
उन्होंने आगे कहा कि
“हे राम गांधी जी का अंतिम स्वर था और उन्हीं के आदर्शों से प्रेरित होकर इसका नाम ‘जी राम जी’ रखा गया है। इसमें किसी प्रकार की छेड़छाड़ नहीं की गई है।”
5 जनवरी से कांग्रेस का ‘MNREGA बचाओ अभियान’
कांग्रेस कार्य समिति की बैठक के बाद कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने केंद्र सरकार पर हमला बोलते हुए कहा,
“MNREGA सिर्फ एक योजना नहीं, बल्कि संविधान द्वारा दिया गया काम का अधिकार है। कांग्रेस इसकी हर कीमत पर रक्षा करेगी। 5 जनवरी से पूरे देश में ‘MNREGA बचाओ अभियान’ शुरू किया जाएगा।”
उन्होंने कहा कि
“गांधी जी का नाम हटाने की हर साजिश का लोकतांत्रिक तरीके से विरोध किया जाएगा।”
‘वन मैन शो’ का आरोप: राहुल गांधी
कांग्रेस सांसद और लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने ‘जी राम जी’ योजना को लेकर केंद्र सरकार पर तीखा हमला किया। उन्होंने कहा,
“मनरेगा एक अधिकार आधारित योजना थी। इससे करोड़ों गरीबों को न्यूनतम मजदूरी मिलती थी। इसका नाम और स्वरूप बदलना संघीय ढांचे और गरीबों के अधिकार पर हमला है।”
राहुल गांधी ने आगे आरोप लगाया कि,
“यह फैसला प्रधानमंत्री कार्यालय से बिना कैबिनेट की सहमति के लिया गया है। देश में ‘वन मैन शो’ चल रहा है, जिसका फायदा सिर्फ कुछ गिने-चुने अरबपतियों को मिल रहा है।”
क्या है मनरेगा से ‘जी राम जी’ का विवाद?
केंद्र सरकार ने महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी अधिनियम (MGNREGA) का नाम बदलकर
‘जी राम जी – विकसित भारत गारंटी फॉर रोजगार एंड आजीविका मिशन’ कर दिया है।
- कांग्रेस का आरोप:
- गांधी जी के नाम को हटाकर गरीबों के अधिकार कमजोर किए जा रहे हैं
- आधार और मोबाइल लिंकिंग से लाखों मजदूर बाहर हो जाएंगे
- सरकार का दावा:
- योजना को और प्रभावी बनाया गया है
- 100 दिन से बढ़ाकर 125 दिन रोजगार
- मजदूरों की संख्या 76 लाख से बढ़कर 12.11 करोड़ हुई
- योजना का बजट 86 हजार करोड़ रुपये के आसपास
बीजेपी का पलटवार
बीजेपी का कहना है कि
“मनरेगा को खत्म नहीं किया गया है, सिर्फ नाम बदला गया है। कांग्रेस बेवजह भ्रम फैला रही है।”
पार्टी के मुताबिक,
- पहले 90:10 की भागीदारी थी
- अब 60:40 मॉडल अपनाया गया है
- योजना से ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलेगी
राजनीतिक संग्राम और तेज होने के संकेत
मनरेगा से ‘जी राम जी’ बनने का मुद्दा अब राष्ट्रीय राजनीति का बड़ा संघर्ष बिंदु बन चुका है।
जहां कांग्रेस इसे गरीब विरोधी कदम बता रही है, वहीं सरकार इसे सुधार और विस्तार की योजना कह रही है।
आने वाले दिनों में यह मुद्दा सड़कों से संसद तक गूंजता दिख सकता है।



