बिहार के उपमुख्यमंत्री विजय कुमार सिन्हा अपने एक बयान को लेकर गंभीर विवादों में घिर गए हैं। न्यायाधीश की निष्पक्षता और कार्यशैली पर टिप्पणी करने के बाद बिहार न्यायिक सेवा संघ (BJSA) ने कड़ा विरोध दर्ज कराया है। संघ ने इस मामले में राज्यपाल आरिफ मोहम्मद खान और मुख्यमंत्री नीतीश कुमार को पत्र लिखकर उपमुख्यमंत्री से सार्वजनिक माफी की मांग की है।
क्या है पूरा मामला
हाल ही में एक विभागीय बैठक के दौरान उपमुख्यमंत्री विजय कुमार सिन्हा ने एक न्यायिक अधिकारी की कार्यशैली को लेकर टिप्पणी की थी। इस बयान का एक वीडियो क्लिप सोशल मीडिया पर वायरल हो गया, जिसमें वे कथित तौर पर एक जज की सत्यनिष्ठा और निष्पक्षता पर सवाल उठाते नजर आ रहे हैं।
न्यायिक सेवा संघ का कड़ा ऐतराज
बिहार न्यायिक सेवा संघ ने इस टिप्पणी को न्यायपालिका की गरिमा और स्वतंत्रता पर हमला करार दिया है। संघ का कहना है कि इस तरह की बयानबाजी से न केवल न्यायिक अधिकारियों का मनोबल टूटता है, बल्कि देश की संवैधानिक व्यवस्था पर भी सवाल खड़े होते हैं।
राज्यपाल और मुख्यमंत्री को पत्र
BJSA ने राज्यपाल आरिफ मोहम्मद खान को ज्ञापन सौंपते हुए कहा कि उपमुख्यमंत्री का बयान अत्यंत आपत्तिजनक और चिंताजनक है।
वहीं, संघ के सचिव अजीत कुमार सिंह ने मुख्यमंत्री नीतीश कुमार को लिखे पत्र में कहा कि विजय कुमार सिन्हा—जो राजस्व एवं भूमि सुधार, खान एवं भूविज्ञान तथा शहरी विकास एवं आवास जैसे महत्वपूर्ण विभागों के मंत्री भी हैं—की टिप्पणी से न्यायपालिका की स्वतंत्रता और सम्मान को ठेस पहुंची है।
सार्वजनिक माफी की मांग
न्यायिक सेवा संघ ने साफ तौर पर मांग की है कि उपमुख्यमंत्री विजय कुमार सिन्हा अपने बयान के लिए सार्वजनिक रूप से माफी मांगें, ताकि न्यायपालिका की गरिमा और संवैधानिक संतुलन बना रहे।
सियासी और संवैधानिक असर
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि यह मामला केवल बयान तक सीमित नहीं है, बल्कि यह कार्यपालिका और न्यायपालिका के बीच संतुलन से जुड़ा संवेदनशील विषय है। आने वाले दिनों में इस पर मुख्यमंत्री और राज्यपाल की भूमिका अहम मानी जा रही है।


