भागलपुर, राज्य सरकार के महत्वाकांक्षी कार्यक्रम सात निश्चय-3 के अंतर्गत समृद्ध उद्योग–सशक्त बिहार अभियान को गति देने के उद्देश्य से सोमवार को भागलपुर स्थित रेशम भवन में स्थानीय उद्यमियों के साथ उद्योग संवाद का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम की अध्यक्षता जिलाधिकारी डॉ. नवल किशोर चौधरी ने की।
इस संवाद का मुख्य उद्देश्य जिले में उद्योगों के विकास और विस्तार को लेकर उद्यमियों को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराना तथा उनकी समस्याओं को समझकर समाधान की दिशा में ठोस पहल करना था।
बिहार उद्योग निवेश प्रोत्साहन पैकेज 2025 की दी गई जानकारी
बैठक की शुरुआत में महाप्रबंधक खुशबू कुमारी ने उपस्थित उद्यमियों को बिहार उद्योग निवेश प्रोत्साहन पैकेज 2025 के विभिन्न प्रावधानों की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि इस पैकेज के माध्यम से राज्य सरकार नए उद्योगों की स्थापना और मौजूदा उद्योगों के विस्तार के लिए वित्तीय और संस्थागत सहायता प्रदान कर रही है। इसके बाद उद्यमियों से उनके उद्योगों से जुड़ी समस्याओं और आवश्यकताओं के बारे में जानकारी ली गई।

उद्योग विस्तार को लेकर उपलब्ध सुविधाओं पर चर्चा
जिलाधिकारी के निर्देश पर उप विकास आयुक्त प्रदीप कुमार सिंह ने भागलपुर जिले में उद्योग विस्तार के लिए उपलब्ध वर्तमान सुविधाओं और भविष्य में प्रस्तावित संस्थागत सुविधाओं के बारे में विस्तार से बताया। उन्होंने कहा कि प्रशासन उद्योगों के अनुकूल वातावरण तैयार करने के लिए लगातार प्रयासरत है।
उद्यमियों ने रखीं अपनी समस्याएं और सुझाव
उद्योग संवाद के दौरान विभिन्न उद्यमियों ने अपनी समस्याओं और अपेक्षाओं से जिलाधिकारी को अवगत कराया। कई उद्यमियों ने बताया कि उद्योग स्थापना के लिए उन्हें शहरी क्षेत्र के समीप भूमि की आवश्यकता होती है, जिसकी उपलब्धता एक बड़ी चुनौती है।
एमएसएमई से निबंधित प्रोडक्शन ग्रुप के एक उद्यमी ने सुझाव दिया कि उनके उत्पाद जैसे करू तेल, आटा, बेसन आदि का जिला स्तर पर सरकारी संस्थानों में उपयोग किया जाना चाहिए, ताकि उन्हें स्थानीय बाजार उपलब्ध हो सके।
वहीं, स्कूल बैग निर्माण से जुड़े एक उद्यमी ने बताया कि वे हर वर्ष लगभग 60 हजार स्कूल बैग का उत्पादन करते हैं। यदि जिला स्तर पर विद्यालयों में आपूर्ति के लिए टेंडर की व्यवस्था हो, तो उन्हें स्थानीय स्तर पर अवसर मिल सकता है। राज्य स्तर पर टेंडर होने के कारण छोटे उद्यमियों को आपूर्ति का लाभ नहीं मिल पाता।
कई उद्यमियों ने बिआडा (BIADA) क्षेत्र में साफ-सफाई और सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत करने की आवश्यकता बताई। इसके साथ ही स्थानीय स्तर पर कुशल श्रमिकों की कमी को भी एक बड़ी समस्या के रूप में रेखांकित किया गया।
स्किल डेवलपमेंट और प्रशासनिक प्रक्रियाओं पर सुझाव
जिलाधिकारी ने उद्यमियों को सुझाव दिया कि वे इंटर्नशिप के माध्यम से स्थानीय युवाओं को प्रशिक्षित कर कुशल श्रमिक तैयार कर सकते हैं। उद्यमियों ने यह भी कहा कि उन्हें स्किल्ड कंसलटेंट की आवश्यकता है, जो उद्योग, फायर ब्रिगेड, श्रम विभाग, नियोजन विभाग सहित विभिन्न विभागों से अनापत्ति प्रमाण पत्र, लाइसेंस और निबंधन की प्रक्रियाओं में सहायता कर सके।
इसके अलावा बिजली में उतार-चढ़ाव, बिजली दरों में सुधार तथा एग्रो बेस्ड इंडस्ट्री के लिए प्रशिक्षण सुविधाएं उपलब्ध कराने की मांग भी उद्यमियों द्वारा रखी गई।
जिलाधिकारी ने सरकार की मंशा स्पष्ट की
जिलाधिकारी डॉ. नवल किशोर चौधरी ने कहा कि सात निश्चय-3 के तहत राज्य सरकार ने बिहार में बड़े पैमाने पर उद्योग विस्तार का संकल्प लिया है। सरकार का उद्देश्य न केवल उद्योगों को बढ़ावा देना है, बल्कि राज्य के बाहर काम कर रहे लोगों को स्थानीय स्तर पर रोजगार के अवसर उपलब्ध कराना भी है।
उन्होंने कहा कि बाहर काम कर रहे लोग अपने-अपने क्षेत्र में कुशल हैं। यदि वे बिहार में ही कार्य करेंगे तो राज्य की उत्पादकता बढ़ेगी और वे अपने परिवार के साथ रह सकेंगे। इससे बच्चों को अभिभावकों का मार्गदर्शन मिलेगा और उनका भविष्य भी बेहतर होगा। इसी से राज्य का समग्र और तेज विकास संभव हो सकेगा।
बैठक में ये अधिकारी और प्रतिनिधि रहे मौजूद
इस अवसर पर संयुक्त निदेशक जनसंपर्क नागेंद्र कुमार गुप्ता, अग्रणी बैंक प्रबंधक भागलपुर, जीएम डीआईसी सहित स्थानीय उद्यमी, विभिन्न बैंकों के प्रतिनिधि, बिआडा, बिजली विभाग और नियोजन विभाग के पदाधिकारी उपस्थित रहे।


