भागलपुर,भागलपुर लोकसभा क्षेत्र के सांसद ने जनहित और मानवीय आधार पर एक अहम पहल करते हुए बिहार के मुख्यमंत्री , सोनपुर मंडल के मंडल रेल प्रबंधक (DRM) एवं भागलपुर के जिलाधिकारी को पत्र लिखकर बाढ़-विस्थापित अत्यंत गरीब परिवारों को पुनर्वास से पूर्व न हटाने का आग्रह किया है।
सांसद अजय कुमार मंडल ने अपने पत्र में उल्लेख किया है कि खरीक, थाना बिहपुर एवं नारायणपुर रेलवे स्टेशन के आसपास रेल भूमि पर वर्षों से रह रहे सैकड़ों बाढ़-विस्थापित परिवारों द्वारा उन्हें आवेदन प्राप्त हुए हैं। इन परिवारों ने मौखिक रूप से भी अवगत कराया है कि रेल प्रशासन एवं स्थानीय थाना द्वारा रेल भूमि से अतिक्रमण हटाने का अभियान चलाया जा रहा है तथा संबंधित परिवारों को 23 दिसंबर 2025 तक स्थान खाली करने का नोटिस दिया गया है।
माननीय सांसद ने कहा कि ये सभी परिवार मूल रूप से बाढ़ जैसी भीषण प्राकृतिक आपदाओं से विस्थापित होकर वर्षों पूर्व यहां आकर बसने को मजबूर हुए थे। ये परिवार अत्यंत गरीब हैं, जिनके पास न तो वैकल्पिक आवास है और न ही आजीविका का कोई स्थायी साधन। छोटे-छोटे बच्चों, महिलाओं एवं वृद्धजनों के साथ ये परिवार लंबे समय से यहीं रहकर जीवन-यापन कर रहे हैं।
सांसद अजय कुमार मंडल ने चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि कड़ाके की ठंड के इस मौसम में बिना किसी वैकल्पिक व्यवस्था के इन गरीब और असहाय परिवारों को हटाया जाना एक गंभीर मानवीय संकट को जन्म दे सकता है। उन्होंने अपने पत्र में स्पष्ट किया कि विकास कार्य और कानून का पालन आवश्यक है, लेकिन मानवता, संवेदना और संवैधानिक दायित्व उससे भी अधिक महत्वपूर्ण हैं।
उन्होंने राज्य सरकार और रेलवे प्रशासन से आपसी समन्वय स्थापित कर इन बाढ़-विस्थापित परिवारों के लिए तत्काल पुनर्वास योजना तैयार करने की मांग की है। साथ ही यह भी आग्रह किया गया है कि जब तक स्थायी पुनर्वास की समुचित व्यवस्था नहीं हो जाती, तब तक मानवीय आधार पर इन परिवारों को अस्थायी रूप से वहीं रहने की अनुमति दी जाए।
माननीय सांसद ने उम्मीद जताई है कि सरकार एवं प्रशासन इस गंभीर मुद्दे पर जनहित और मानवीय दृष्टिकोण को ध्यान में रखते हुए शीघ्र उचित निर्णय लेंगे, ताकि गरीब, असहाय और बाढ़-विस्थापित परिवारों को बेघर होने से बचाया जा सके।


