भागलपुर, भागलपुर के समीक्षा भवन में जिलाधिकारी डॉ. नवल किशोर चौधरी की अध्यक्षता में जिले के आंतरिक संसाधनों की प्रगति को लेकर समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में विभिन्न विभागों द्वारा निर्धारित वार्षिक राजस्व लक्ष्य के विरुद्ध नवंबर माह तक की गई वसूली की विस्तार से समीक्षा की गई।
समीक्षा के दौरान वाणिज्य कर, निबंधन, परिवहन, राजस्व, खान एवं भूतत्व, राष्ट्रीय बचत, मत्स्य, नीलाम पत्र, वन विभाग, कृषि, सहकारिता, नगर निगम, मापतोल विभाग तथा औषधि विभाग द्वारा प्रस्तुत प्रतिवेदनों पर चर्चा की गई। जिलाधिकारी को अवगत कराया गया कि नवंबर माह तक सभी विभागों द्वारा औसतन लगभग 50 प्रतिशत राजस्व वसूली ही की जा सकी है।
जिलाधिकारी ने इस स्थिति पर चिंता व्यक्त करते हुए सभी संबंधित विभागों को राजस्व वसूली में तेजी लाने के स्पष्ट निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि आंतरिक संसाधन जिले के विकास कार्यों के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण हैं, इसलिए लक्ष्य के अनुरूप वसूली सुनिश्चित करना सभी विभागों की प्राथमिक जिम्मेदारी है। उन्होंने विभागों को नियमित मॉनिटरिंग, क्षेत्रीय स्तर पर सक्रियता बढ़ाने और लंबित मामलों के शीघ्र निष्पादन के निर्देश भी दिए।
बैठक में जिलाधिकारी ने जिले के सभी अंचलाधिकारियों से दाखिल-खारिज, परिमार्जन एवं वासगीत पर्चा वितरण की भी समीक्षा की। उन्होंने स्पष्ट कहा कि इन कार्यों में अनावश्यक विलंब बर्दाश्त नहीं किया जाएगा और आम जनता से जुड़े मामलों का समयबद्ध निष्पादन सुनिश्चित किया जाए। दाखिल-खारिज एवं परिमार्जन की प्रक्रिया में तेजी लाने पर विशेष जोर दिया गया।
जिलाधिकारी ने अंचल स्तर पर लंबित मामलों की नियमित समीक्षा करने, प्रगति रिपोर्ट समय पर उपलब्ध कराने तथा पारदर्शिता के साथ कार्य निष्पादन सुनिश्चित करने का निर्देश दिया। उन्होंने कहा कि राजस्व से जुड़े कार्य सीधे जनता से संबंधित हैं, इसलिए इनमें गुणवत्ता और समयबद्धता दोनों का विशेष ध्यान रखा जाए।
बैठक में अपर समाहर्ता (राजस्व) सहित संबंधित विभागों के वरीय पदाधिकारी एवं अंचलाधिकारी उपस्थित रहे।


