पटना में प्रॉपर्टी टैक्स बढ़ा, 19 नई सड़कें बनीं ‘प्रधान मुख्य सड़क’, मकान मालिकों और दुकानदारों पर बढ़ेगा बोझ

बिहार में जमीन की कीमतें पहले ही आसमान छू रही हैं, वहीं अब पटना शहर के मकान मालिकों और दुकानदारों के लिए एक और झटका सामने आया है। पटना नगर निगम (पीएमसी) ने प्रॉपर्टी टैक्स को लेकर बड़ा फैसला लिया है। इसके तहत शहर के कई इलाकों में अब पहले की तुलना में करीब डेढ़ गुना तक अधिक संपत्ति कर देना होगा।

19 नई सड़कें घोषित हुईं ‘प्रधान मुख्य सड़क’

पटना नगर निगम ने शहर की सड़कों के पुनर्वर्गीकरण की प्रक्रिया पूरी कर ली है। इस प्रक्रिया के तहत 19 नई सड़कों को ‘प्रधान मुख्य सड़क’ की श्रेणी में शामिल किया गया है। इन सड़कों पर स्थित करीब 5,500 से अधिक मकान और दुकानें अब बढ़े हुए प्रॉपर्टी टैक्स के दायरे में आ गई हैं।

नगर निगम का कहना है कि यह फैसला कर निर्धारण को अधिक पारदर्शी और व्यावहारिक बनाने के उद्देश्य से लिया गया है।

112 सड़कों का हुआ पुनर्वर्गीकरण

नगर विकास एवं आवास विभाग से मंजूरी मिलने के बाद पटना नगर निगम क्षेत्र की कुल 112 सड़कों को अलग-अलग श्रेणियों में बांटा गया है।

  • 43 सड़कें ‘प्रधान मुख्य सड़क’
  • 69 सड़कें ‘मुख्य सड़क’

इससे पहले केवल 24 सड़कें प्रधान मुख्य सड़क और 88 सड़कें मुख्य सड़क की श्रेणी में थीं। यानी प्रधान मुख्य सड़कों की संख्या में 19 की बढ़ोतरी की गई है।

नई टैक्स दरें 19 मई 2025 से प्रभावी

नगर निगम की ओर से जारी नई दरों के अनुसार—

  • सामान्य सड़क: 10 रुपये प्रति यूनिट
  • मुख्य सड़क: 20 रुपये प्रति यूनिट
  • प्रधान मुख्य सड़क: 30 रुपये प्रति यूनिट

इस तरह प्रधान मुख्य सड़क पर स्थित मकान और दुकानों को मुख्य सड़क की तुलना में करीब 1.5 गुना अधिक टैक्स देना होगा। इससे छोटे दुकानदारों और मध्यम वर्गीय मकान मालिकों की जेब पर अतिरिक्त बोझ पड़ने की आशंका जताई जा रही है।

बकाया वसूली के लिए सख्ती, घर-घर जाएगी टीम

नगर निगम ने प्रॉपर्टी टैक्स के बकाया भुगतान को लेकर भी सख्ती बढ़ा दी है। इसके लिए विशेष टीम का गठन किया गया है, जो 22 दिसंबर से घर-घर जाकर टैक्स भुगतान के लिए लोगों को जागरूक करेगी। समय पर टैक्स जमा नहीं करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की चेतावनी भी दी गई है।

ओटीएस योजना से राहत, ब्याज में छूट

हालांकि करदाताओं को राहत देने के लिए वन टाइम सेटलमेंट (ओटीएस) योजना को जारी रखा गया है। इसके तहत एकमुश्त भुगतान करने पर ब्याज और दंड में छूट दी जा रही है। नगर निगम को उम्मीद है कि इससे लोग स्वेच्छा से बकाया टैक्स जमा करेंगे और राजस्व में वृद्धि होगी।

व्यावसायिक प्रतिष्ठानों पर भी बढ़ा टैक्स

बिहार नगरपालिका अधिनियम, 2007 के तहत जारी नई अधिसूचना के अनुसार कई व्यावसायिक प्रतिष्ठानों पर भी टैक्स में बढ़ोतरी की गई है।

  • होटल, जिम, हेल्थ क्लब, विवाह भवन, निजी अस्पताल, बैंक और बड़े गोदामों पर दोगुना टैक्स
  • कोचिंग संस्थान, नर्सिंग होम, निजी शिक्षण संस्थान, शोरूम, मॉल, सिनेमा हॉल और रेस्टोरेंट पर 1.5 गुना टैक्स

औद्योगिक इकाइयों और बड़े वेयरहाउस को भी उच्च कर श्रेणी में रखा गया है।

निगम का तर्क, जनता में नाराजगी

नगर निगम का कहना है कि टैक्स में यह बढ़ोतरी शहर के बुनियादी ढांचे को मजबूत करने, सड़कों, नालियों, स्ट्रीट लाइट और सफाई व्यवस्था को बेहतर बनाने के लिए जरूरी है। वहीं आम लोगों और व्यापारियों में इसे लेकर नाराजगी भी देखने को मिल रही है। उनका कहना है कि महंगाई के इस दौर में टैक्स का अतिरिक्त बोझ डालना उचित नहीं है।

अब देखना होगा कि जनता की प्रतिक्रिया के बाद नगर निगम इस फैसले पर कोई राहत देता है या नहीं।


 

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