मुजफ्फरपुर में भ्रष्टाचार के खिलाफ सरकार की सख्ती के बीच एक बार फिर अंचल कार्यालय से घूसखोरी का मामला सामने आया है। निगरानी अन्वेषण ब्यूरो ने मोतीपुर अंचल कार्यालय में कार्यरत नाजिर श्याम चंद्र किशोर उर्फ श्याम कुमार को 8,000 रुपये रिश्वत लेते हुए रंगे हाथ गिरफ्तार किया है। यह कार्रवाई शुक्रवार को की गई।
एलपीसी बनाने के बदले मांगी थी रिश्वत
निगरानी विभाग के अनुसार, आरोपी नाजिर जमीन से संबंधित एलपीसी (भूमि स्वामित्व प्रमाण पत्र) बनाने के एवज में आवेदक से अवैध राशि की मांग कर रहा था। पीड़ित ने इसकी शिकायत पटना स्थित निगरानी विभाग से की, जिसके बाद गोपनीय जांच कराई गई। जांच में आरोप सही पाए जाने पर ट्रैप टीम का गठन किया गया।
रिश्वत लेते ही दबोचा गया
शुक्रवार को जैसे ही शिकायतकर्ता ने तय रकम नाजिर को सौंपी, पहले से तैनात निगरानी टीम ने उसे रंगे हाथ गिरफ्तार कर लिया। आरोपी के पास से रिश्वत के रंग लगे नोट भी बरामद किए गए हैं।
शिकायतकर्ता ने बताई पूरी कहानी
शिकायतकर्ता राहुल रंजन कुमार ने बताया कि जमीन रजिस्ट्री के दौरान पता चला कि उनकी जमीन रोक सूची में है। सीओ और एडीएम कार्यालय में आवेदन देने के बावजूद सुनवाई नहीं हुई। बाद में डीएम कार्यालय से आवेदन मोतीपुर सीओ को भेजा गया, लेकिन वहां भी कोई कार्रवाई नहीं हुई।
राहुल ने बताया कि सर्वे से जुड़े सभी दस्तावेज उन्होंने खुद तैयार कराए थे। इसके बाद सीओ और आरओ से वेरिफिकेशन के लिए नाजिर से संपर्क किया गया। आरोप है कि नाजिर ने रोक सूची से जमीन हटाने के लिए 10 हजार रुपये की मांग की, बाद में सौदा 8 हजार रुपये में तय हुआ।
ऑफिस के कमरे में लिया गया पैसा
राहुल के मुताबिक, शुक्रवार को अंचल कार्यालय के एक कमरे में नाजिर ने उनसे रिश्वत ली। जैसे ही पैसे दिए गए, निगरानी टीम ने मौके पर पहुंचकर आरोपी को पकड़ लिया।
निगरानी डीएसपी ने की पुष्टि
विजिलेंस डीएसपी आर कुमार निराला ने बताया कि शिकायत के आधार पर कार्रवाई की गई है। आरोपी जमीन से जुड़े कार्य के बदले रिश्वत मांग रहा था और 8 हजार रुपये बरामद किए गए हैं।
पूछताछ जारी, कोर्ट में पेशी की तैयारी
गिरफ्तारी के बाद आरोपी नाजिर को पूछताछ के लिए मुजफ्फरपुर के सर्किट हाउस ले जाया गया है। निगरानी अधिकारियों के अनुसार, आवश्यक कानूनी प्रक्रिया पूरी करने के बाद उसे विशेष निगरानी अदालत में पेश किया जाएगा।
पहले भी हो चुकी हैं गिरफ्तारियां
जानकारी के अनुसार, पिछले कुछ वर्षों में मोतीपुर अंचल कार्यालय से अंचलाधिकारी सहित तीन कर्मचारियों की गिरफ्तारी हो चुकी है। सभी को भ्रष्टाचार के मामलों में जेल जाना पड़ा था। ताजा कार्रवाई के बाद अंचल कार्यालय में हड़कंप मचा हुआ है।


