उपमुख्यमंत्री ने जिले के सभी सात अंचलाधिकारियों को निर्देश दिया है कि न्यायसंगत मामलों का निष्पादन हर हाल में 15 दिनों के भीतर सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने स्पष्ट कहा कि भूमि से जुड़े मामलों में किसी भी तरह की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
उपमुख्यमंत्री ने निर्देश दिया कि डीसीएलआर अपने अधीनस्थ सभी अधिकारियों और कर्मचारियों के कार्यों की नियमित मॉनिटरिंग के साथ-साथ सूचक निरीक्षण शुरू करें। वहीं, अपर समाहर्ता को अपने सभी अधीनस्थ अधिकारियों के कार्यों पर कड़ी नजर रखने को कहा गया है।
भूमि विवाद बैठक में थानाध्यक्षों की अनिवार्य उपस्थिति
भूमि विवाद समाधान के लिए प्रत्येक शनिवार को आयोजित होने वाली बैठक में सभी थानाध्यक्षों की अनिवार्य उपस्थिति सुनिश्चित करने का निर्देश दिया गया है। इन बैठकों की मॉनिटरिंग संबंधित क्षेत्र के डीएसपी और एसडीएम के नेतृत्व में की जाएगी और इसकी रिपोर्ट जिलाधिकारी एवं पुलिस अधीक्षक को सौंपी जाएगी।
विशेष भूमि सर्वेक्षण में पारदर्शिता पर जोर
राज्यभर में चल रहे विशेष भूमि सर्वेक्षण को लेकर उपमुख्यमंत्री ने कहा कि यह सौ वर्षों बाद हो रहा ऐतिहासिक कार्य है, जिसे पूरी पारदर्शिता के साथ पूरा करना सभी अधिकारियों की जिम्मेदारी है। उन्होंने जिलाधिकारियों को गांव-गांव में माइकिंग कराकर लोगों को जागरूक करने का निर्देश दिया। साथ ही कहा कि किसी भी शिकायत पर संबंधित अधिकारी तत्काल सुनवाई करें।
पंचायत सरकार भवन में ही बैठेंगे राजस्व कर्मचारी
उपमुख्यमंत्री ने दोहराया कि सभी राजस्व कर्मचारी केवल पंचायत सरकार भवन में बैठकर ही कार्य करेंगे। इसकी मॉनिटरिंग अंचलाधिकारी, भूमि सुधार उपसमाहर्ता और अपर समाहर्ता करेंगे। उन्होंने अंचलाधिकारियों को अधिकतम समय कार्यालय में रहने और अपना तथा कर्मचारियों का संपर्क नंबर अंचल कार्यालय व पंचायत सरकार भवनों में प्रदर्शित करने के निर्देश दिए।
जनसंवाद में 50 से अधिक मामलों की मौके पर समीक्षा
करीब ढाई घंटे चले जनसंवाद कार्यक्रम के दौरान 50 से अधिक चयनित आवेदनों पर संबंधित अधिकारियों को आमने-सामने बैठाकर मौके पर ही समीक्षा की गई। उपमुख्यमंत्री ने बताया कि शेष आवेदनों पर समय-सीमा के भीतर विधिसम्मत कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी। यह कार्य विभाग के प्रधान सचिव सीके अनिल के नेतृत्व में किया जाएगा और इसकी जानकारी आवेदकों तक पहुंचाई जाएगी।
100 दिनों में सभी जिलों में होंगे जनसंवाद
उपमुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार अब सीधे जनता के बीच उतरकर समस्याओं का समाधान कर रही है। अगले 100 दिनों के भीतर बिहार के सभी जिलों में जनसंवाद आयोजित किए जाएंगे। उन्होंने अधिकारियों को याद दिलाया कि वे जनता के सेवक हैं, मालिक नहीं। दाखिल-खारिज, परिमार्जन और भूमि विवाद से जुड़े मामलों का निपटारा तय समय-सीमा में हर हाल में किया जाए।
फर्जीवाड़े पर सख्त कार्रवाई की चेतावनी
जनसंवाद के दौरान दाखिल-खारिज, परिमार्जन, मापी और लोक भूमि पर अतिक्रमण से जुड़े मामलों की गहन समीक्षा की गई। उपमुख्यमंत्री ने फर्जी दस्तावेजों के जरिए गड़बड़ी करने वालों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की चेतावनी दी।
अधिकारियों ने दी विभागीय जानकारी
इससे पूर्व प्रधान सचिव सीके अनिल ने लंबित मामलों को प्राथमिकता के आधार पर निपटाने का निर्देश दिया। सचिव जय सिंह ने विभाग की ऑनलाइन सेवाओं की जानकारी दी और बताया कि अंचल कार्यालयों में सीएससी कर्मियों के माध्यम से सेवाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं। जिलाधिकारी मिथिलेश मिश्र ने घोषणा की कि अगले शनिवार से अंचल में होने वाली बैठक में किसी एक अंचल में एसपी के साथ स्वयं मौजूद रहेंगे।
कार्यक्रम में ये अधिकारी रहे मौजूद
कार्यक्रम में विशेष सचिव अरुण कुमार सिंह, उप निदेशक मोना झा, जिलाधिकारी मिथिलेश मिश्र, एसपी अजय कुमार, डीडीसी सुमित कुमार, अपर समाहर्ता नीरज कुमार, जिला बंदोबस्त पदाधिकारी मो. मुस्तकीम, अनुमंडल पदाधिकारी प्रभाकर कुमार, विशेष कार्य पदाधिकारी अनुपम प्रकाश, आईटी मैनेजर आनंद शंकर सहित कई वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।


