बिहार के डिप्टी सीएम एवं भूमि सुधार मंत्री विजय कुमार सिन्हा ने शनिवार को पटना स्थित अपने आवास पर “भूमि सुधार जन कल्याण संवाद” कार्यक्रम की औपचारिक शुरुआत की। एनडीए सरकार में यह उनका नया जनसंपर्क व समाधान कार्यक्रम है, जिसके तहत वे जमीन से संबंधित शिकायतों को सीधे सुनकर मौके पर ही निपटाने का प्रयास कर रहे हैं।
ऑन-द- स्पॉट समाधान, CO और राजस्व कर्मियों से ली शिकायतों पर जवाब
कार्यक्रम के दौरान दर्जनों लोग अपनी समस्याएं लेकर पहुंचे। डिप्टी सीएम ने हर शिकायतकर्ता को माइक देकर अपनी बात रखने को कहा। संबंधित प्रखंड के सीओ और राजस्व कर्मचारियों को तुरंत बुलाया गया और उनसे भी माइक लेकर जवाब मांगा गया।
इसी दौरान एक शिकायत सुनते समय एक राजस्व कर्मचारी अचानक कांपने लगा। शिकायतकर्ता ने बताया कि 2020 से वह दफ्तर का चक्कर काट रहे हैं, और 12 नवंबर 2022 को परिमार्जन कराने के बावजूद काम अटका है।
इस पर मंत्री ने सीओ और कर्मचारी से कड़ा सवाल पूछा—काम लंबित क्यों है और किस वजह से कार्रवाई नहीं हुई?
जब कर्मचारी कांपने लगा तो मंत्री ने कहा—
“कांपो नहीं, डरो नहीं। लेकिन काम समय पर कीजिए। सबको 15 दिन का समय दे रहा हूं। अगली बार मौका नहीं मिलेगा।”
एक सप्ताह में कार्रवाई का निर्देश
विजय कुमार सिन्हा ने स्पष्ट चेतावनी दी कि संबंधित मामले में एक सप्ताह के अंदर कार्रवाई की जाए, अन्यथा विभागीय कार्रवाई तय है। उन्होंने कहा कि वर्षों से लोग दफ्तरों का चक्कर लगाते हैं, जबकि कर्मचारियों की जिम्मेदारी समय पर कार्य पूरा करना है।
हर जिले में होगा ऐसा संवाद कार्यक्रम
कार्यक्रम में पटना जिले के सभी CO, उपसमाहर्ता और राजस्व कर्मचारी उपस्थित रहे।
लोगों को संबोधित करते हुए डिप्टी सीएम ने कहा कि—
- अब हर जिले में इसी तरह का संवाद कार्यक्रम आयोजित होगा।
- दाखिल-खारिज, परिमार्जन, मापी, अतिक्रमण, विवाद और पोर्टल संबंधित सभी मामलों को प्राथमिकता दी जाएगी।
- शिकायत पहले अंचल, थाना, अनुमंडल और डीएम स्तर पर दर्ज कराने की अपील की गई।
- यदि फिर भी समाधान नहीं होता, तो मंत्री स्तर पर कार्यवाही की जाएगी।


