जमुई की जूही कुमारी ने ‘पाई स्कूल ओलंपिक्स’ में मचाया धमाल, कराटे में गोल्ड और 400 मीटर में सिल्वर जीता

जमुई/जयपुर: बिहार के जमुई जिले स्थित सिमुलतला आवासीय विद्यालय की 12 वर्षीय प्रतिभाशाली छात्रा जूही कुमारी ने जयपुर में आयोजित ‘पाई स्कूल ओलंपिक्स’ में शानदार प्रदर्शन करते हुए पूरे राज्य का मान बढ़ाया है। सवाई मानसिंह स्टेडियम में 8 से 13 दिसंबर तक आयोजित राष्ट्रीय प्रतियोगिता में जूही ने दो अलग-अलग खेलों में पदक जीतकर सबको चौंका दिया।

कराटे में गोल्ड, एथलेटिक्स में सिल्वर

जूही ने अपने मुख्य खेल कराटे में बेहतरीन तकनीक का प्रदर्शन करते हुए स्वर्ण पदक जीता। वहीं, एथलेटिक्स में पहली बार भाग लेने के बावजूद उन्होंने 400 मीटर दौड़ में रजत पदक अपने नाम किया। एक ही प्रतियोगिता में दो विधाओं में मेडल जीतना जूही की बहुमुखी प्रतिभा का प्रमाण है।

12 साल की उम्र में 70 से ज्यादा मेडल

महज 12 वर्ष की उम्र में जूही अब तक राज्य और राष्ट्रीय स्तर की विभिन्न प्रतियोगिताओं में 70 से अधिक पदक जीत चुकी हैं। कराटे में वह पहले से ही एक स्थापित नाम रही हैं, जबकि एथलेटिक्स में उनकी यह नई शुरुआत बेहद प्रभावशाली रही है।

पिता की मेहनत और बेटी का जज्बा

जूही के पिता मंटू कुमार ने बताया कि बेटी दिन में स्कूल के बाद शाम को दो-दो घंटे दोनों खेलों की प्रैक्टिस करती है। उन्होंने कहा,
“उम्र सिर्फ एक नंबर है। सही मार्गदर्शन और मेहनत हो तो बच्चे आसमान छू सकते हैं।”

परिवार ने जूही की इस उपलब्धि पर मिठाई बांटकर खुशी मनाई।

कोचों ने की जमकर तारीफ

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जूही के कराटे कोच निर्मल बोहरा और एथलेटिक्स कोच सुरेंद्र सिंह शेखावत ने भी उनकी सफलता पर गर्व जताया। कोच बोहरा ने कहा,
“जूही में अनुशासन और जुनून कूट-कूटकर भरा है।”

वहीं शेखावत ने कहा,
“पहली बार ट्रैक पर उतरकर सिल्वर जीतना किसी चमत्कार से कम नहीं।”

बिहार की बेटी, देश का गौरव

सिमुलतला के छोटे से कस्बे से निकलकर राष्ट्रीय स्तर पर जूही ने अपनी पहचान बनाई है। उनकी यह दोहरी उपलब्धि साबित करती है कि अवसर और मेहनत मिले तो ग्रामीण क्षेत्रों के बच्चे भी देशभर में उत्कृष्ट प्रदर्शन कर सकते हैं। जूही से आने वाले दिनों में और बड़ी उपलब्धियों की उम्मीद है।


 

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