
पटना: मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने गुरुवार को नवादा जिले के रजौली और आसपास के इलाकों में विकास योजनाओं की मैराथन समीक्षा की। निरीक्षण का दायरा शिक्षा, स्वास्थ्य, जलापूर्ति, मत्स्य पालन, फ्लोटिंग सोलर प्लांट और औद्योगिक ज़ोन तक रहा। कई परियोजनाओं की प्रगति पर संतोष जताते हुए मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को समयसीमा तय कर तेज़ी से काम पूरा करने के निर्देश दिए।
स्कूल पहुंचकर छात्रों से सीधा संवाद, कराटे प्रशिक्षण कर रही छात्राओं को दी बधाई
सीएम सबसे पहले उत्क्रमित उच्च माध्यमिक विद्यालय, चिरैला पहुंचे, जहां उन्होंने नेताजी सुभाष चंद्र बोस छात्रावास का निरीक्षण किया।
सीएम ने छात्रों से पढ़ाई, भोजन और अन्य सुविधाओं पर बात की। कराटे प्रशिक्षण ले रही बच्चियों की हौसला-अफज़ाई करते हुए सीएम बोले—
“मन लगाकर पढ़िए, आप ही बिहार का भविष्य हैं। आपकी हर ज़रूरत पर सरकार ध्यान देगी।’’
विद्यालय परिसर में लगे विभागीय स्टॉलों का निरीक्षण करते हुए सीएम ने 137 जीविका समूहों को बैंकों द्वारा स्वीकृत 1 करोड़ 29 लाख रुपये का सांकेतिक चेक भी सौंपा।
जीविका दीदियों ने कहा कि “मुख्यमंत्री महिला रोजगार योजना हमारे लिए वरदान साबित हुई है। अब आर्थिक आत्मनिर्भरता मिली है।”
हेल्थ एंड वेलनेस सेंटर का निरीक्षण, टेलीमेडिसिन और टीकाकरण व्यवस्था देखी
मुख्यमंत्री ने हरदिया स्थित स्वास्थ्य उपकेंद्र का निरीक्षण कर डॉक्टरों की मौजूदगी, दवा उपलब्धता और प्रसूति सेवाओं की स्थिति की समीक्षा की।
अधिकारियों ने बताया कि सेंटर में टेलीमेडिसिन सेवा, मातृत्व सुरक्षा अभियान और नियमित टीकाकरण व्यवस्थित रूप से संचालित हो रहे हैं।
फुलवरिया जलाशय में ‘ऊपर बिजली–नीचे मछली’ मॉडल: 10 मेगावाट फ्लोटिंग सोलर प्लांट का जायजा
सीएम ने फुलवरिया जलाशय में बन रहे बिहार के सबसे बड़े फ्लोटिंग सोलर प्रोजेक्ट का निरीक्षण किया।
यहां 30 एकड़ में 10 मेगावाट फ्लोटिंग सोलर प्लांट लगाया जा रहा है, जबकि बाकी क्षेत्र में मत्स्य पालन जारी रहेगा।
अधिकारियों ने बताया कि जलाशय में आधुनिक केज कल्चर से
• पहले 1 किलो/हेक्टेयर की तुलना में
• अब 100 किलो/हेक्टेयर प्रतिवर्ष मछली उत्पादन हो रहा है,
जो राष्ट्रीय औसत (20 किलो/हेक्टेयर) से कई गुना अधिक है।
साथ ही यहां से फिल्टर किया गया पानी रजौली के 90 गांवों में सप्लाई किया जा रहा है। फ्लोराइड प्रभावित इलाकों में यह योजना जीवनदायिनी साबित हो रही है।
रजौली में नए औद्योगिक क्षेत्र के लिए 220.48 एकड़ चिन्हित—नवादा को मिलेगा बड़ा औद्योगिक हब
सीएम ने प्रस्तावित औद्योगिक क्षेत्र का निरीक्षण किया, जहां
• 81 एकड़ सरकारी
• 139.48 एकड़ रैयती जमीन
उद्योग स्थापना के लिए चिन्हित की गई है।
यहां रेल–सड़क कनेक्टिविटी सुचारू होने से बड़े औद्योगिक निवेश की संभावनाएं मजबूत मानी जा रही हैं।
फुलवरिया जलाशय: नवादा की जीवनरेखा
- निर्माण: 1979–1988
- फैलाव: 6.38 वर्ग किमी
- कैचमेंट एरिया: 181.30 वर्ग किमी
- नहरों के जरिए रजौली, सिरदला, नरहट में सिंचाई
- 9191 घर रजौली जलापूर्ति योजना से लाभान्वित
निरीक्षण के दौरान मौजूद रहे
उपमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी, संसदीय कार्यमंत्री विजय कुमार चौधरी, क्षेत्र के विधायकगण, मगध प्रमंडल के आयुक्त, पुलिस आईजी, डीएम रवि प्रकाश समेत कई उच्च अधिकारी दौरे में मौजूद रहे।


