पटना: नीतीश कैबिनेट ने अगले पांच साल में एक करोड़ युवाओं को रोजगार देने के वादे को पूरा करने के लिए तीन नए विभागों के निर्माण को मंजूरी दे दी है। इसमें शामिल हैं:
- युवा, रोजगार एवं कौशल विकास विभाग
- उच्च शिक्षा विभाग
- सिविल विमानन विभाग
इन तीन नए विभागों के निर्माण के साथ बिहार में कुल 48 विभाग हो गए हैं।
युवा, रोजगार एवं कौशल विकास विभाग के मुख्य काम
इस विभाग को युवाओं के रोजगार और कौशल विकास से जुड़ी 19 जिम्मेदारियां सौंपी गई हैं:
- रोजगार और कौशल विकास को बढ़ावा देने वाली योजनाओं का निर्माण और क्रियान्वयन।
- रोजगार से संबंधित अधिनियम और नियमावली का सृजन।
- रोजगार निदेशालय और निबंधन प्रणाली का गठन।
- रोजगार संबंधी e-Portal का निर्माण और संचालन।
- रोजगार मेला का आयोजन।
- निजी कंपनियों, उद्योगों और एमएसएमई इकाइयों से रोजगार संबंधी संपर्क।
- विशेष नियोजन निदेशालय का संचालन।
- युवाओं के लिए सेक्टरवार व्यावसायिक और तकनीकी प्रशिक्षण की व्यवस्था।
- औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थान (ITI) के संचालन।
- केंद्र सरकार की कौशल विकास योजनाओं के साथ समन्वय।
- अप्रेंटिसशिप योजनाओं और उद्योग-आधारित प्रशिक्षण का क्रियान्वयन।
- अन्य विभागों जैसे श्रम संसाधन, शिक्षा, उद्योग, विज्ञान-प्रौद्योगिकी, ग्रामीण विकास आदि के साथ समन्वय।
- बिहार कौशल विकास मिशन से संबंधित कार्य।
- राष्ट्रीय कैडेट कोर, राष्ट्रीय सेवा योजना, नेहरू युवा केन्द्र और बिहार युवा आयोग से संबंधित कार्य।
- युवा प्रतिभाओं की पहचान और पोषण।
- युवा कल्याण से जुड़े सभी कार्य।
- विभाग में नियोजित सभी कर्मियों का नियंत्रण।
- विभाग के अधीन सभी भवनों का प्रशासनिक प्रभार।
- विभाग में गठित बोर्ड, निगम और संस्थाओं का प्रशासनिक नियंत्रण।
इस विभाग के गठन से बिहार में युवाओं के लिए रोजगार, कौशल प्रशिक्षण और करियर विकास की दिशा में मजबूत पहल की उम्मीद है।


