नई दिल्ली: संसद के शीतकालीन सत्र में गुरुवार को उस समय हलचल बढ़ गई जब बीजेपी सांसद अनुराग ठाकुर ने लोकसभा में ई-सिगरेट पीने की घटना का गंभीर मुद्दा उठाया। उन्होंने किसी सांसद का नाम नहीं लिया, लेकिन उनका बयान तृणमूल कांग्रेस के एक सांसद से जोड़कर देखा जा रहा है।
अनुराग ठाकुर: “यह संसद की प्रतिष्ठा पर सवाल है”
अनुराग ठाकुर ने सदन के भीतर ई-सिगरेट के इस्तेमाल को लेकर कड़ी आपत्ति जताते हुए कहा कि—
- यह संसद के नियमों का स्पष्ट उल्लंघन है
- ऐसी हरकतें सदन की गरिमा और अनुशासन को ठेस पहुंचाती हैं
उन्होंने मांग की कि इस मामले की गंभीर जांच कराई जाए, ताकि भविष्य में ऐसी घटनाएँ दोबारा न हों।
स्पीकर ओम बिरला का जवाब: “कोई भी अनुचित गतिविधि बर्दाश्त नहीं”
सदन का ध्यान स्पीकर ओम बिरला की ओर गया, जिन्होंने कहा—
- संसद में ई-सिगरेट, धूम्रपान या किसी भी प्रतिबंधित गतिविधि की अनुमति नहीं
- नियम सभी सांसदों पर समान रूप से लागू
- अभी तक इस मामले में कोई औपचारिक शिकायत नहीं मिली है
स्पीकर ने यह भी स्पष्ट किया कि यदि कोई सबूत या शिकायत सामने आती है, तो नियमों के तहत सख़्त कार्रवाई की जाएगी।
उन्होंने कहा—
“संसद देश का सर्वोच्च लोकतांत्रिक संस्थान है, और यहां उपस्थित प्रत्येक सदस्य से उच्च स्तर की शालीनता और अनुशासन की अपेक्षा की जाती है।”
भारत में ई-सिगरेट पूरी तरह प्रतिबंधित
भारत में ई-सिगरेट पर इलेक्ट्रॉनिक सिगरेट निषेध अधिनियम, 2019 लागू है, जिसके तहत—
- ई-सिगरेट का उत्पादन
- बिक्री
- आयात-निर्यात
- विज्ञापन
सभी पूरी तरह प्रतिबंधित हैं। कानून के उल्लंघन पर जेल और जुर्माने, दोनों का प्रावधान है।


