भागलपुर के नाथनगर प्रखंड स्थित अजमेरीपुर बैरिया में गंगा की धारा को सुचारू और गहरी बनाने का काम आधिकारिक रूप से शुरू हो गया है। भारतीय अंतर्देशीय जलमार्ग प्राधिकरण (IWAI) की तकनीकी टीम मंगलवार को अंचलाधिकारी और नाथनगर पुलिस की उपस्थिति में स्थल पर पहुँची और प्रक्रिया की शुरुआत की।
सिल्ट हटाकर बढ़ाई जाएगी गहराई, नहीं बदलेगी नदी की धारा
अधिकारियों ने साफ किया कि यह कार्य गंगा की धारा मोड़ने के लिए नहीं, बल्कि—
- घाटों तक पर्याप्त पानी पहुँचाने
- इंटेक वेल तक जलस्तर बढ़ाने
- जलप्रवाह सुचारू करने
- और नदी की प्राकृतिक क्षमता को बनाए रखने
के उद्देश्य से किया जा रहा है।

गंगा में जमा भारी सिल्ट को हटाने से जलधारा पहले की तुलना में बेहतर और नियंत्रित रूप से बहेगी। इससे शहर में पेयजल की उपलब्धता में सुधार देखने को मिलेगा।
इंटेक वेल में पानी की कमी दूर होने की उम्मीद
जल विभाग के अनुसार पिछले कुछ महीनों में—
- इंटेक वेल तक पानी कम पहुँच रहा था
- पंपिंग में समस्या आ रही थी
- कई वार्डों में जलापूर्ति बाधित हो रही थी
सुधार कार्य पूरा होने के बाद फ्रेश पानी सीधे इंटेक वेल तक पहुंचेगा, जिससे भागलपुर नगर की पेयजल आपूर्ति अधिक स्थिर और बेहतर होगी।
नाव और बड़े जहाजों की आवाजाही भी होगी आसान
जलगति विशेषज्ञों का कहना है कि नदी की गहराई बढ़ने से—
- बड़े जहाजों की आवाजाही सुगम होगी
- इनलैंड वाटर ट्रांसपोर्ट को मजबूती मिलेगी
- व्यापार और परिवहन गतिविधियों को बढ़ावा मिलेगा
भागलपुर का रणनीतिक महत्व भी इससे और मजबूत होगा।
स्थानीय लोगों को सीधे लाभ
नगर क्षेत्र के घाट, मंदिर परिसर और तटवर्ती इलाकों में पानी की कमी की समस्या लंबे समय से बनी हुई थी। सुधार कार्य के बाद वहाँ पानी स्थिर रूप से पहुँचेगा, जिससे स्थानीय नागरिकों और धार्मिक स्थलों दोनों को राहत मिलेगी।


