खगड़िया के अमन किशोर बने भारतीय नौसेना में सब-लेफ्टिनेंट, जिले का नाम राष्ट्रीय स्तर पर रोशन

खगड़िया जिले के पसराहा निवासी स्व. रामजी सिंह के पौत्र और सब-लेफ्टिनेंट विमल किशोर तथा नूतन कुमारी के सुपुत्र अमन किशोर ने भारतीय नौसेना में सब-लेफ्टिनेंट बनकर पूरे जिले को गौरवान्वित किया है। अपनी लगन, अनुशासन और अदम्य इच्छाशक्ति के बल पर अमन ने राष्ट्रीय स्तर पर खगड़िया का परचम लहरा दिया है।


शुरूआती शिक्षा से लेकर एनडीए तक का सफर

अमन किशोर ने अपनी प्रारंभिक शिक्षा नेवी चिल्ड्रन स्कूल से और आगे की पढ़ाई केंद्रीय विद्यालय, अंडमान-निकोबार से पूरी की। पढ़ाई के साथ वे कड़े अनुशासन और प्रशिक्षण के लिए भी जाने जाते थे।
उन्होंने वर्ष 2021 में पहली ही कोशिश में एनडीए परीक्षा पास की और एसएसबी व मेडिकल की कठिन प्रक्रियाओं में भी सफलता हासिल की।
इसके बाद 27 फरवरी 2022 को उन्हें एनडीए खड़गवाशला, पुणे के 147वें कोर्स में प्रवेश मिला।


तीन साल की ट्रेनिंग के बाद नौसेना में नई उड़ान

एनडीए से वर्ष 2024 में पास आउट होने के बाद अमन किशोर ने भारतीय नौसेना की आगे की ट्रेनिंग के लिए इंडियन नेवल एकेडमी (आईएनए), ऐजीमाला—केरल में दाखिला लिया।
इस दौरान उन्हें फ्रांस, दक्षिण अफ्रीका, मोम्बासा जैसे देशों का भ्रमण करने का अवसर मिला, जिसने उनकी अंतरराष्ट्रीय समझ और सैन्य दृष्टि को मजबूत किया।


पासिंग आउट परेड: सम्मान और गर्व का क्षण

29 नवंबर 2025, आईएनए ऐजीमाला में आयोजित भव्य पासिंग आउट परेड में अमन किशोर को सब-लेफ्टिनेंट की रैंक प्रदान की गई।

इस अवसर पर—

  • भारत के सीडीएस जनरल अनील चौहान ने परेड की सलामी ली,
  • जबकि उनके माता-पिता ने बेटे के कंधे पर तगमा लगाकर गर्व का एहसास किया।
  • इसरो के चीफ वी. नारायण ने अमन को स्नातक की उपाधि प्रदान की।

यह दृश्य न केवल परिवार बल्कि पूरे खगड़िया के लिए भावनाओं से भरा गर्व का पल था।


प्रतिभा का लोहा पहले ही मनवा चुके हैं

अमन किशोर ने नौसेना, कोस्ट गार्ड और अन्य प्रतियोगिताओं में भी कई उपलब्धियां हासिल की हैं तथा कई बार पुरस्कृत हुए हैं।
उनके सब-लेफ्टिनेंट बनने की खबर फैलते ही पसराहा गांव और पूरे खगड़िया में खुशी की लहर दौड़ गई। ग्रामीणों ने मिठाइयाँ बाँटकर जश्न मनाया और अपने ‘अमन’ पर गर्व जताया।


युवा पीढ़ी के लिए प्रेरणा

अमन किशोर की यह उपलब्धि साबित करती है कि—
कड़ी मेहनत, अनुशासन और आत्मविश्वास के साथ कोई भी युवा देश की वर्दी पहनने का सपना पूरा कर सकता है।
वे अब खगड़िया और बिहार के उन युवाओं के लिए प्रेरणा बन चुके हैं, जो भारत की सेनाओं में योगदान देना चाहते हैं।


 

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