पटना पुलिस ने शनिवार की सुबह दो प्रमुख जेलों—बेऊर सेंट्रल जेल और बाढ़ उपकारा—में एक साथ सघन छापेमारी अभियान चलाकर अपराधियों पर नकेल कसने का सख्त संदेश दिया है। हाल के दिनों में पटना और आसपास के क्षेत्रों में बढ़ती आपराधिक वारदातों को देखते हुए यह अभियान चलाया गया। पुलिस को संदेह है कि कई संगठित अपराधों की योजना जेल के अंदर से ही तैयार की गई थी।
छापेमारी अभियान सुबह करीब 5 बजे शुरू हुआ, जब अधिकांश बंदी अपने वार्डों में सोए हुए थे।
भारी पुलिस बल के साथ बेऊर सेंट्रल जेल में छापेमारी, सभी वार्डों की गहन तलाशी
बेऊर जेल में अभियान का नेतृत्व सिटी एसपी (पूर्वी और मध्य) तथा एडीएम कर रहे थे।
अधिकारी बड़े पुलिस दल के साथ जेल में दाखिल हुए और एक-एक वार्ड का बारीकी से निरीक्षण किया।
- तलाशी अभी जारी है
- बरामदगी का आधिकारिक खुलासा छापेमारी खत्म होने के बाद किया जाएगा
- सभी वार्डों और संवेदनशील हिस्सों में खोजी अभियान चलाया गया
जेल प्रशासन और पुलिस का मानना है कि यह जांच अपराधियों के उन नेटवर्क को तोड़ने के लिए जरूरी है, जो जेल से बाहर की गतिविधियों को प्रभावित करते हैं।
क्यों की गई छापेमारी? कई बड़ी वारदातों की कड़ियाँ बेऊर जेल से जुड़ने की आशंका
सूत्रों के अनुसार—
पटना में हाल ही में हुई कुछ बड़ी घटनाओं में पुलिस को संदेह था कि अपराधियों का संपर्क बेऊर जेल में बंद गिरोह से है।
इसके बाद लगातार जेल में सर्च ऑपरेशन की आवश्यकता महसूस की गई।
बीते महीनों में पुलिस ने कई गैंग ऑपरेशन की जांच में पाया था कि अपराधियों के बीच फोन और अन्य माध्यमों से जेल से निर्देश मिलने की संभावना रहती है। इसी वजह से यह सघन तलाशी अभियान चलाया गया।
बाढ़ उपकारा में भी सुबह 6 बजे सघन तलाशी, आठों वार्ड सील कर खंगाले गए
बेऊर जेल के साथ-साथ बाढ़ अनुमंडल स्थित उपकारा में भी प्रशासन ने छापेमारी की।
सुबह 6 बजे बाढ़-1 और बाढ़-2 के एसडीपीओ, एसडीएम, एसडीओ आनंद कुमार और कई थानों के पुलिस बल ने अचानक जेल में प्रवेश किया।
- महिला वार्ड सहित सभी 8 वार्डों की तलाशी
- कैदियों में हड़कंप
- करीब एक घंटे तक चला अभियान
अधिकारियों ने बताया कि जांच के दौरान कोई आपत्तिजनक सामान बरामद नहीं हुआ।
फिर भी सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत करने और जेल अनुशासन को बनाए रखने के लिए यह तलाशी जरूरी मानी गई।जेलों में बढ़ी निगरानी, आगे भी जारी रहेंगे ऐसे अभियान
पुलिस ने संकेत दिया है कि आने वाले दिनों में भी ऐसे सर्च ऑपरेशन जारी रहेंगे।
अधिकारियों का कहना है—
- जेल के अंदर से चलने वाली किसी भी आपराधिक गतिविधि को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा
- जेल प्रशासन और पुलिस संयुक्त रूप से सुरक्षा व्यवस्था की समीक्षा करती रहेगी
- अपराधियों के नेटवर्क को तोड़ने के लिए यह अभियान बेहद महत्वपूर्ण है
छापेमारी के बाद दोनों जेलों में अतिरिक्त निगरानी बढ़ा दी गई है, ताकि किसी भी संदिग्ध गतिविधि को समय रहते रोका जा सके।


