
लखीसराय:दूसरी बार उपमुख्यमंत्री और लगातार पांचवीं बार विधायक चुने जाने के बाद विजय कुमार सिन्हा जब पहली बार बड़हिया पहुंचे तो समर्थकों ने जोरदार स्वागत किया। ढोल-नगाड़ों और जुलूस के बीच उनके आगमन का उत्साह चरम पर था। इसी बीच सोशल मीडिया पर एक वीडियो वायरल हुआ, जिसमें दावा किया गया कि समर्थक राइफल से हर्ष फायरिंग कर रहे हैं।
लेकिन जांच में सामने आया कि वायरल वीडियो का सच कुछ और है।
वीडियो में दिखी ‘फायरिंग’, पर असल में थे पटाखे—राइफल जैसा दिखने वाला साधन निकला चिड़ीमार बंदूक
स्थानीय लोगों और पुलिस की जांच के मुताबिक, वायरल वीडियो में जो आवाजें सुनाई दे रही थीं, वह गोली नहीं बल्कि पटाखे थे।
क्या हुआ था?
- क्षेत्र के दो युवकों के पास परंपरागत चिड़ीमार बंदूक है।
- समर्थकों ने खुशी में उन्हें बुलाया।
- इन बंदूकों में तेज आवाज वाले पटाखे (तिल्ली पटाखा) डालकर फायर जैसी आवाज बनाई जाती है।
- जुलूस में आगे-आगे चलते हुए इन युवकों ने कई बार पटाखे दागे।
स्थानीय लोग बताते हैं कि यह परंपरा वर्षों से चली आ रही है।
मन्नत पूरी हो, त्योहार हो या बड़ा जश्न—इस मुस्लिम परिवार के सदस्य इस बंदूक में पटाखे भरकर “फायरिंग जैसी आवाज” पैदा करते हैं।
SP ने किया उपकरण ज़ब्त, युवकों से पूछताछ
लखीसराय एसपी अजय कुमार ने बताया—
- वीडियो में दिख रहे दोनों उपकरण बड़हिया थानाध्यक्ष ने जब्त कर लिए हैं।
- जिन युवकों ने पटाखा छोड़ा, उनका नाम जाबिर और हामिद है।
- दोनों को थाने लाकर औपचारिक पूछताछ की गई है।
- घटना में असली गोलीबारी या किसी प्रकार का खतरा नहीं था।
“हर्ष फायरिंग की अफवाह, असल में सिर्फ पटाखे थे” — विजय कुमार सिन्हा
उपमुख्यमंत्री विजय कुमार सिन्हा ने कहा—
“यह कोई घातक गोली या हर्ष फायरिंग नहीं थी। चिड़ीमार बंदूक में तिल्ली वाला पटाखा भरकर इस्तेमाल किया गया था। इसका वीडियो कई लोगों के पास है। हर्ष फायरिंग की बात महज अफवाह है।”
स्थानीय परंपरा, गलतफहमी में वीडियो
बड़हिया के कई लोगों ने बताया कि इस प्रकार की ‘पटाखा फायरिंग’ स्थानीय परंपरा का हिस्सा है और इसमें किसी तरह का खतरा नहीं होता।


