SBI में बड़ा फर्जीवाड़ा: बैंक मैनेजर ही मास्टरमाइंड, निष्क्रिय खातों की फर्जी KYC कर करोड़ों की हेराफेरी; आयकर विभाग ने दी CBI को जानकारी

देश के सबसे बड़े सरकारी बैंक स्टेट बैंक ऑफ इंडिया (SBI) में एक नया और चौंकाने वाला स्कैम उजागर हुआ है। यह मामला किसी बाहरी ठग या साइबर अपराधी का नहीं, बल्कि स्वयं बैंक के मैनेजर का किया धरा है, जिसने निष्क्रिय खातों के KYC में हेराफेरी कर लाखों रुपये ट्रांसफर कर दिए।

इस खुलासे के बाद आयकर विभाग, बैंक प्रबंधन, और खुफिया एजेंसियां सतर्क हो गई हैं। मामला अब CBI जांच तक पहुंच सकता है।

दरभंगा एयरपोर्ट पर 10 लाख कैश की जब्ती से खुला राज

दरअसल, स्कैम का पर्दाफाश तब हुआ जब आयकर विभाग ने दरभंगा एयरपोर्ट पर एक यात्री रौशन कुमार से 10 लाख रुपये नकद बरामद किए। रकम का कोई वैध स्रोत न बता पाने पर जांच शुरू हुई।

पड़ताल में सामने आया कि यह कैश मुंबई के SBI मीरा इंडस्ट्रियल एस्टेट ब्रांच के एक निष्क्रिय (डोरमैट) खातेपूजा ब्यूटी पार्लर — से निकाला गया था। खाते को फर्जी KYC अपडेट कर सक्रिय किया गया था।

मैनेजर का ‘मोडस ऑपरेंडी’ : निष्क्रिय खातों को बनाता था पैसा निकालने का जरिया

इनकम टैक्स विभाग ने मुंबई जाकर संबंधित शाखा के मैनेजर आनंद कुमार गुप्ता से पूछताछ की।
पूछताछ में सामने आया कि—

  • मैनेजर निष्क्रिय (Inactive) खातों का डाटा खंगालता था
  • फर्जी KYC अपडेट कर खाते को सक्रिय दिखाता था
  • बड़ी रकम दूसरे खातों में ट्रांसफर करके नकद निकाल लेता था

यह नया ‘मोडस ऑपरेंडी’ SBI के सिस्टम में एक बड़े loophole को दिखाता है—जहां कुछ निष्क्रिय खातों की निगरानी बेहद कमजोर है।

खाता किसी और का, KYC किसी और के नाम का — बड़ा खेल उजागर

जांच में सामने आया कि मीरा रोड शाखा में पूजा ब्यूटी पार्लर के नाम से एक खाता वर्षों से इनएक्टिव था।

मैनेजर आनंद कुमार:

  • अपने परिचित रौशन कुमार का खाता दरभंगा से मुंबई ट्रांसफर कराता है
  • 30 अगस्त 2025 को रौशन के नाम से पूजा ब्यूटी पार्लर खाते का KYC फर्जी तरीके से अपडेट करता है
  • inactive खाते से ₹66.38 लाख रौशन के अकाउंट में ट्रांसफर करता है
  • बाद में नकद में निकालकर हवाला की तरह आगे भेज देता है

फोन और बैंक रिकॉर्ड में इसका स्पष्ट सबूत मिला है।

आयकर विभाग का अलर्ट, अब CBI जांच की तैयारी

आयकर विभाग ने पूरा मामला:

  • SBI प्रबंधन
  • CBI
  • खुफिया विभाग

के साथ साझा किया है। शुरुआती जांच में आशंका जताई गई है कि यह फर्जीवाड़ा एक बड़े नेटवर्क का हिस्सा हो सकता है और संभवतः इसका इस्तेमाल मनी लॉन्ड्रिंग में हो रहा था।

CBI इस स्कैम के बड़े पैमाने की जांच कर सकती है—कि क्या अन्य शाखाओं में भी ऐसी हेराफेरी हुई है।

क्या होता है ‘डोरमैट अकाउंट’? क्यों बनते हैं ऐसे खाते धोखाधड़ी का आसान निशाना

जब किसी बैंक खाते में 1–2 साल तक कोई लेन-देन नहीं होता, तो बैंक उसे Dormant Account (निष्क्रिय खाता) घोषित कर देता है।

ऐसे खाते धोखाधड़ी का आसान निशाना क्यों बन जाते हैं?

  • कई खाताधारकों की मृत्यु हो चुकी होती है
  • कई खातों में पारिवारिक विवाद के चलते कोई दावा नहीं करता
  • वर्षों से निष्क्रिय पड़े होने पर बैंक भी कम सतर्क रहता है
  • मैनेजर्स को इन खातों का पूरा विवरण उपलब्ध रहता है

ठग इन्हीं कमजोरियों का फायदा उठाकर खाता सक्रिय कर बड़ी रकम निकाल लेते हैं।

SBI प्रबंधन सतर्क, देशभर में निष्क्रिय खातों की रिव्यू प्रक्रिया तेज

मामला सामने आने के बाद SBI ने देशभर में अपने डोरमैट खातों और KYC अपडेट प्रक्रियाओं की जांच और रिव्यू शुरू कर दी है।

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