जहानाबाद: महिला सशक्तिकरण की दिशा में बिहार सरकार की पहल लगातार धरातल पर नज़र आ रही है। महिलाओं को आर्थिक रूप से मजबूत और आत्मनिर्भर बनाने के लिए चल रही योजनाओं के तहत जहानाबाद जिले की 3,431 जीविका दीदी के बैंक खातों में शुक्रवार को 10–10 हजार रुपये की सहायता राशि डीबीटी के जरिए भेजी गई।
जिले भर में महिलाओं में इस को लेकर खुशी और उत्साह का माहौल है।
अब तक 4.41 करोड़ रुपये की सहायता मिल चुकी
जिला प्रशासन के अनुसार, जीविका समूह से जुड़ी महिलाओं के बीच अब तक 4.41 करोड़ रुपये से अधिक की राशि सीधे उनके खातों में स्थानांतरित की जा चुकी है।
यह आर्थिक मदद पूरी तरह डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर (DBT) के माध्यम से दी जा रही है, जिससे पारदर्शिता और समय पर लाभ वितरण सुनिश्चित हो सके।
प्रशासन का कहना है कि जिले की हर पात्र महिला तक यह सहायता पहुँचाने का लक्ष्य तेजी से पूरा किया जा रहा है।
महिलाओं ने कहा— “यह सहयोग हमारे रोजगार को नई दिशा देगा”
सहायता राशि मिलने के बाद जिले के विभिन्न प्रखंडों में महिलाओं के चेहरों पर खुशी साफ झलकती दिखी।
अनेक महिलाओं ने कहा कि—
“10 हजार रुपये का यह सहयोग हमारे छोटे-छोटे व्यवसायों और आजीविका बढ़ाने में बहुत मदद करेगा।”
कई महिलाएँ इसका उपयोग
- सिलाई-कढ़ाई,
- पशुपालन,
- सब्जी उत्पादन,
- दुकानदारी और अन्य स्वरोजगार
में करने की योजना बना रही हैं।
जिला प्रशासन के मुताबिक, जहानाबाद में अब तक 1,71,000 से अधिक महिलाएँ जीविका समूहों और सरकारी योजनाओं से लाभान्वित हो चुकी हैं।
“राशि का सदुपयोग कर रोजगार बढ़ाएं”— जिलाधिकारी अलंकृता पांडेय
जिलाधिकारी अलंकृता पांडेय ने महिलाओं को प्रेरित करते हुए कहा—
“सरकार का उद्देश्य है कि महिलाएँ आर्थिक रूप से मजबूत हों और अपने पैरों पर खड़ी हों। आप सभी इस राशि का सदुपयोग कर छोटे व्यवसाय को बड़ा रूप दें।”
उन्होंने सभी जीविका दीदी को सरकारी योजनाओं से जुड़ने, प्रशिक्षण लेने और नई पहल शुरू करने के लिए प्रोत्साहित किया।
डीएम ने कहा कि महिलाओं की तरक्की ही जिले की आर्थिक मजबूती का आधार बनेगी।
ग्रामीण अर्थव्यवस्था को भी मिल रही नई मजबूती
जिला प्रशासन का मानना है कि यह आर्थिक सहायता न केवल महिलाओं की आजीविका सुधार रही है, बल्कि ग्रामीण अर्थव्यवस्था को भी नया सहारा दे रही है।
छोटे व्यवसायों के बढ़ने से—
- स्थानीय उत्पादन बढ़ रहा है,
- रोजगार के अवसर उत्पन्न हो रहे हैं,
- और परिवार की कुल आय में वृद्धि हो रही है।
महिलाएँ बन रहीं आत्मनिर्भर, परिवार की आय में दे रही योगदान
सरकार की इस पहल से जहानाबाद जिले की हजारों महिलाएँ अब
- स्वरोजगार शुरू कर रही हैं,
- अपने पैरों पर खड़ी हो रही हैं,
- और परिवार की आमदनी में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही हैं।
प्रशासन को उम्मीद है कि आने वाले महीनों में इस योजना से कई नए उद्यम और रोजगार अवसर पैदा होंगे, जिससे जिले के आर्थिक ढाँचे को और मजबूती मिलेगी।


