मधेपुरा. जिला प्रशासन ने गुरुवार को शहर में अतिक्रमणकारियों के खिलाफ बड़ा और ताबड़तोड़ अभियान चलाया। कॉलेज चौक से लेकर मुख्य बाजार तक सड़क पर बने अवैध निर्माण, शेड, ठेले और दुकानों पर बुलडोजर चलाया गया। कार्रवाई इतनी तेज थी कि देखते ही देखते पूरा इलाका मलबे में बदलता चला गया। इस कार्रवाई से शहरवासियों ने राहत की सांस ली।
सुबह-सुबह भारी पुलिस बल के साथ पहुँचा प्रशासन
सुबह तड़के ही प्रशासनिक टीम, नगर परिषद के कर्मी और भारी संख्या में पुलिस बल मौके पर पहुँच गए। पूरे इलाके को घेरकर अतिक्रमण हटाने का अभियान शुरू कर दिया गया।
अधिकारियों ने बताया कि—
- अवैध दुकानों और शेड के संचालकों को पहले नोटिस जारी किया गया था।
- नोटिस में स्वेच्छा से अतिक्रमण हटाने के लिए समय सीमा दी गई थी।
- समय समाप्त होने पर बुलडोजर की कार्रवाई शुरू की गई।
बुलडोजर चलते ही बड़ी संख्या में लोग मौके पर जुट गए। कुछ दुकानदारों ने हटाने की कोशिश की, लेकिन प्रशासन ने साफ कहा कि सरकारी जमीन पर किसी भी तरह का कब्जा बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
बढ़ते जाम और संकरी सड़कें बनी वजह
पिछले कई महीनों से कॉलेज चौक और मुख्य बाजार में
- लंबे जाम,
- पैदल यात्रियों को परेशानी,
- सड़क पर अतिक्रमण के कारण लगातार दुर्घटनाओं में बढ़ोतरी,
की शिकायतें सामने आ रही थीं।
लोगों की लगातार मांग के बाद प्रशासन हरकत में आया और पूरे इलाके को अतिक्रमणमुक्त करने का फैसला लिया।
अधिकारियों ने कहा—
“शहर की सड़कें लगातार संकरी हो रही थीं। बार-बार नोटिस देने के बावजूद लोग हटने को तैयार नहीं थे। अब कड़ा एक्शन जरूरी था।”
घंटों चली कार्रवाई के बाद सड़क हुई साफ और व्यवस्थित
करीब दो घंटे तक चला यह विशेष अभियान। बुलडोजर के एक-एक वार के साथ अवैध ढांचे ध्वस्त होते गए।
कार्रवाई पूरी होते ही सड़क पूरी तरह साफ दिखाई देने लगी। जहाँ पहले दुकानों और ठेलों की भीड़ होती थी, अब चौड़ी और व्यवस्थित सड़क नज़र आ रही है।
स्थानीय लोगों ने राहत जताते हुए कहा कि अब—
- जाम की समस्या कम होगी,
- खरीदारी और आवागमन में सुगमता होगी,
- बाजार पहले से अधिक व्यवस्थित दिख रहा है।
कई लोगों ने प्रशासन के इस कदम की खुलकर सराहना की और कहा कि यह कार्रवाई देर से ही सही, लेकिन पूरे शहर के लिए जरूरी थी।
अभियान अभी जारी रहेगा
जिला प्रशासन ने संकेत दिया है कि यह सिर्फ शुरुआत है है। आने वाले दिनों में—
- शहर के अन्य बाज़ारों,
- मुख्य सड़कों,
- और सरकारी जमीन पर बसे अवैध निर्माणों
पर भी इसी तरह की कार्रवाई जारी रहेगी।


