नवगछिया/गोपालपुर। गोपालपुर विधानसभा क्षेत्र में सड़क विकास के लंबे समय से लंबित प्रोजेक्ट्स को नई गति मिलने वाली है। क्षेत्र के आवश्यक मुख्य मार्गों के निर्माण और पुनर्निर्माण को लेकर विधायक शैलेश कुमार उर्फ बुलो मंडल ने ग्रामीण कार्य विभाग के मंत्री अशोक चौधरी से मुलाकात की। बैठक में मंत्री ने सभी प्रस्तावों पर सकारात्मक और उत्साहजनक आश्वासन दिया है।
विधायक बुलो मंडल ने कहा कि आवागमन की बेहतर व्यवस्था किसी भी समाज के विकास की बुनियाद है। सड़कें बनने से शिक्षा, स्वास्थ्य, व्यापार और रोज़गार के क्षेत्र में नई संभावनाएँ खुलेंगी।
बैठक में इन प्रमुख सड़कों और परियोजनाओं पर हुई विस्तृत चर्चा
1. रंगरा पंचायत – तिनटंगा दियारा (दक्षिण) क्षेत्र
- तिनटंगा डुमरिया PMGSY रोड (गोपाल मंडल के घर के पास) से उसरहिया (गोखूल मंडल के घर) तक सड़क निर्माण
सर्वे ID – 88262
यह सड़क दियारा क्षेत्र के लोगों के लिए जीवनरेखा साबित होगी।
2. गोपालपुर पंचायत – डिमाहा क्षेत्र
- बोचाही रिंग बाँध (4 नंबर ठोकर) से नवटोलिया तक कॉर्टीधार मार्ग से पुल एवं सड़क निर्माण
यह सड़क बनने से बाढ़ प्रभावित इलाकों में आवागमन निर्बाध होगा और गांवों को बेहतर कनेक्टिविटी मिलेगी।
3. इस्माइलपुर क्षेत्र
- गंगा चौक – बसगाढ़ा – परबत्ता रोड से PMGSY रोड लक्ष्मीपुर तक सड़क निर्माण
सर्वे ID – 90226
यह प्रोजेक्ट इस्माइलपुर और आसपास के क्षेत्रों के लोगों को सीधे परबत्ता और नवगछिया मार्ग से जोड़ देगा।
4. प्रखंड नवगछिया – जगतपुर पंचायत
- जपतेली ग्राम से विक्रमशिला से जुड़ने वाली P.C.C. सड़क का मामला
एकल टेंडर होने के कारण री-टेंडर प्रक्रिया चल रही है। - सड़क निर्माण में आने वाली निजी भूमि के अधिग्रहण के लिए राशि आवंटित कर दी गई है।
यह सड़क विक्रमशिला ब्रिज मार्ग को जोड़ने वाली रणनीतिक रूप से बेहद महत्वपूर्ण सड़क मानी जा रही है।
विधायक बोले— “जनता से किए सभी वादे पूरे होंगे”
विधायक शैलेश कुमार उर्फ बुलो मंडल ने कहा कि इन सभी सड़कों के निर्माण से—
- ग्रामीण इलाकों में तेज और सुरक्षित आवागमन संभव होगा
- छात्रों को स्कूल-कॉलेज तक पहुँचने में आसानी
- ग्रामीण स्वास्थ्य सेवाओं में सुधार
- व्यापार और कृषि परिवहन मजबूत होगा
- रोजगार और आर्थिक गतिविधियों को बढ़ावा मिलेगा
उन्होंने कहा कि क्षेत्र के समग्र और संतुलित विकास के लिए प्रयास लगातार जारी हैं और मंत्री अशोक चौधरी के सहयोग से कई बड़ी परियोजनाएँ अब जमीन पर उतरेंगी।


