पटना। आपदा प्रबंधन विभाग में गुरुवार, 27 नवंबर 2025 को विभागीय सचिव डॉ. चंद्रशेखर सिंह की अध्यक्षता में राज्यभर के जिलों के साथ एक विस्तृत समीक्षात्मक बैठक आयोजित की गई। वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से हुई इस बैठक में आपदा प्रबंधन से जुड़े सभी लंबित मामलों, पोर्टलों के अपडेट और राहत कार्यों की प्रगति पर विस्तृत चर्चा की गई।
सचिव ने दिए स्पष्ट निर्देश— “देरी बर्दाश्त नहीं, सभी लंबित फाइलों का जल्द निपटारा हो”
बैठक में सचिव ने कहा कि आपदा प्रबंधन से जुड़े सभी मामलों में तेजी लाना अनिवार्य है। उन्होंने जिलों के अधिकारियों को निर्देश दिया कि राहत और पुनर्वास से जुड़े कार्यों में किसी भी स्तर पर अनावश्यक विलंब नहीं होना चाहिए।
उन्होंने यह भी कहा कि किसी भी आपदा के समय तेजी से प्रतिक्रिया और समय पर सहायता उपलब्ध कराना विभाग की प्राथमिक जिम्मेदारी है।
जॉइंट सेक्रेटरी ने की कई अहम बिंदुओं की समीक्षा
सचिव के निर्देश पर विभाग के संयुक्त सचिव मो. नदीमुल गफ्फार सिद्दीकी ने विभिन्न विषयों की गहन समीक्षा की, जिनमें शामिल रहे—
- आनुग्रहिक अनुदान
- IDRN पोर्टल पर आपदा संबंधी आंकड़ों का अपडेट
- नए जिला आपातकालीन प्रतिक्रिया केंद्र (District Emergency Response Facility cum Training Centre) के लिए भूमि चिन्हांकन
- NDMIS रिपोर्टिंग
- AC/UC और DC से जुड़े वित्तीय मामले
- DSS पोर्टल
- विभाग से जुड़े न्यायालयीन मामले
- अंकेक्षण से सबंधित लंबित कार्य
उन्होंने सभी जिलों को चेतावनी स्वरूप स्पष्ट कहा कि लंबित मामलों को शीघ्रता और प्राथमिकता से निपटाएँ, ताकि आपदा प्रबंधन कार्यों की प्रभावशीलता बढ़ सके।
“सभी पोर्टल समय पर अपडेट रहें”— जिलों को निर्देश
संयुक्त सचिव ने जिलों को निर्देश दिया कि—
- राहत और पुनर्वास कार्यों की स्थिति नियमित रूप से अपडेट की जाए
- सभी पोर्टल्स (IDRN, DSS, NDMIS) पर डाटा समय पर अपलोड हो
- आपदा के समय उपयोगी संसाधनों की सूची अद्यतन रखी जाए
- अदालत से जुड़े मामलों की सुनवाई के लिए जरूरी दस्तावेज समय पर प्रस्तुत किए जाएँ
उन्होंने कहा कि किसी भी जिले में देरी पाए जाने पर विभागीय स्तर पर कार्रवाई भी की जा सकती है।
जिलों के अधिकारी बैठक में रहे उपस्थित
बैठक में—
- सभी जिलों के अपर समाहर्ता
- सहायक आपदा प्रबंधन पदाधिकारी
- आपदा प्रभारी
- विभाग के वरिष्ठ अधिकारी
वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से शामिल हुए। बैठक का उद्देश्य राज्य की आपदा प्रतिक्रिया प्रणाली को और अधिक मजबूत, तेज और तकनीकी रूप से सक्षम बनाना रहा।


