पटना/मोकामा। मोकामा बाजार से चार दिन पहले रहस्यमय परिस्थितियों में लापता हुए युवक का अब तक कोई पता नहीं चल पाया है। युवक की अचानक गुमशुदगी से परिवार में कोहराम मचा है।
लापता युवक अमृत शेखर सिन्हा, झारखंड सचिवालय के कर्मचारी विनय कुमार के पुत्र हैं और मूल रूप से चिंतामणिचक, मोकामा के रहने वाले हैं। अमृत की शादी 30 नवंबर को होनी थी, लेकिन उससे पहले 24 नवंबर की शाम वह बाजार से अचानक गायब हो गया। उसके बाद से मोबाइल भी स्विच ऑफ है।
शादी की तैयारियों के बीच गुम हुआ बेटा, घर में मातम जैसा माहौल
अमृत शेखर और उनका परिवार रांची में रहता है। शादी की तैयारियों को लेकर वे कुछ दिनों के लिए मोकामा आए थे।
परिजनों के अनुसार—
- अमृत की शादी जमुई में प्रस्तावित थी
- परिजनों ने रिश्तेदारों को बुला लिया था
- घर में हल्दी, मेहंदी और अन्य रस्मों की तैयारी चल रही थी
लेकिन अमृत के अचानक लापता होने के बाद पूरा माहौल मातम में बदल गया।
परिजनों का कहना है कि घर की रसोई तक बंद है, कोई चूल्हा नहीं जल रहा और पूरा परिवार सदमे में है।
24 नवंबर की शाम से लापता, मोबाइल भी बंद – जांच में जुटी पुलिस
सूत्रों के मुताबिक, अमृत 24 नवंबर की शाम मोकामा बाजार गया था।
इसके बाद—
- वह अचानक संपर्क से बाहर हो गया
- उसका मोबाइल बंद हो गया
- आसपास के CCTV फुटेज की जांच की जा रही है
परिजनों ने तुरंत मोकामा थाना में शिकायत दर्ज कराई। पुलिस ने गुमशुदगी का केस दर्ज कर तलाश शुरू कर दी है, हालांकि अभी तक कोई ठोस जानकारी सामने नहीं आई है।
परिजन दहशत में, अपहरण की आशंका भी जताई
परिजनों ने बताया कि अमृत का किसी से कोई विवाद नहीं था। उन्होंने यह भी कहा कि—
- शादी के ठीक पहले ऐसे गायब होना बेहद असामान्य है
- परिवार अपहरण की आशंका जता रहा है
- पुलिस से जल्द कार्रवाई की अपील की गई है
स्थानीय लोग भी शादी के घर में अचानक आई इस त्रासदी से स्तब्ध हैं।
मोकामा पुलिस क्या कह रही है?
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि—
- अमृत की अंतिम लोकेशन बाजार क्षेत्र में मिली
- उसके बाद फोन स्विच ऑफ है
- कई बिंदुओं पर जांच की जा रही है
- पड़ोसियों, दोस्तों और परिचितों से पूछताछ जारी है
पुलिस ने बताया कि युवक को जल्द खोज निकालने के लिए एक विशेष टीम बनाई गई है।
समाप्ति
अमृत शेखर की गुमशुदगी ने शादी के घर को मायूसी में बदल दिया है।
परिवार और स्थानीय लोग उसकी सुरक्षित वापसी की उम्मीद में दिन-रात प्रार्थना कर रहे हैं।
पुलिस मामले पर लगातार काम कर रही है, लेकिन चार दिन बीतने के बाद भी सुराग न मिलना कई सवाल खड़े करता है।


